Lucknow News: अवैध निर्माण के मायाजाल में फंसे LDA अफसर, चल रहा सीलिंग में डीलिंग का खेल

अमीनाबाद स्थित मॉडल हाउस के प्लाट संख्या-60 पर अवैध कॉम्पलेक्स को एलडीए अफसरों का संरक्षण

Sandesh Wahak Digital Desk: पिछले कुछ समय से राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। इन अवैध निर्माणों को रोक पाने में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए)के अफसर फिसड्डी साबित हो चुकें हैं। एलडीए के इंजीनियर आईजीआरएस शिकायतों की झूठी रिर्पोट लगाकर करोड़ों की वसूली हर महीने कर रहे हैं।

अफसरों की मिलीभगत से चल रहा अवैध निर्माण का खेल

अवैध निर्माणों को बचाने के खेल में एलडीए के कुछ अफसर भी शामिल हैं। मिलीभगत का आलम यह है कि एक बिल्डिंग की नींव खुदने से लेकर अध्यासित होने तक केवल कागजी कार्रवाई ही चलती रहती है,ध्वस्तीकरण का आदेश कई सालों तक पारित नहीं होता है। दिखावे के लिए केवल सील और फिर पुन: सील की कार्रवाई होती है।

ताजा उदाहरण अमीनाबाद स्थित मॉडल हाउस का है जहां  प्लाट संख्या-60 पर पिछले कई सालों से अवैध काम्पलेक्स का निर्माण चल रहा है। तामम शिकायतों के बावजूद एलडीए द्वारा बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई है। जब शिकायत बड़े अफसरों से होती है तो दिखावे के लिए बिल्डिंग को पुन: सील कर दिया जाता है, प्रवर्तन टीम के रवाना होते ही कॉम्पलेक्स की दुकानें पुन: खुल जाती हैं। जानकारी के अनुसार उक्त अवैध निर्माण का मालिक बिल्डर विजय गुप्ता है जो कि काफी रसूकदार है। पुलिस व एलडीए के अफसरों के साथ उसका उठना बैठना है।

आधा दर्जन बार तोड़ी जा चुकी बिल्डिंग की सील

यही कारण है कि पुलिस अभिरक्षा के बावजूद बिल्डिंग की सील आधा दर्जन बार तोड़ी जा चुकी है। कैसरबाग निवासी मो अतीक का आरोप है कि एलडीए के इंजीनियर और अफसर इस बिल्डिंग पर कार्रवाई के बजाए लम्बे समय से उसको संरक्षण दे रहे हैं। बिल्डिंग में कॉम्पलेक्स बन चुका है अब उसके ऊपर फ्लैट बनाने का प्लान है। इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष को शिकायती पत्र भी दिया जा चुका है, जिसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। मो अतीक ने बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण की मांग की है।

डॉ इन्द्रमणि त्रिपाठी

खत्म हो गया इंजीनियरों में खौफ

पूर्व एलडीए उपाध्यक्ष डॉ इन्द्रमणि त्रिपाठी के कार्यकाल में अवैध निर्माण कराने वालें इंजीनियरों के खिलाफ खूब कार्रवाई देखने को मिली। लेकिन उनके हटते ही अवैध निर्माणों का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा है,वहीं इंजीनियर भी बेखौफ होकर अवैध निर्माण कराने में जुट गए हैं। जानकारों की माने तो अब अवैध निर्माण के बजाए शिकायतकत्ताओं को निशाना बनाने का खेल एलडीए में शुरू हो चुका है। बिल्डिरों संग मिलकर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है।

LDA

केवल प्लाटिंग पर चल रहा बुलडोजर

एलडीए का बुलडोजर पिछले कुछ समय से अवैध निर्माणों को छोडक़र प्लाटिंग  पर चल रहा है। प्लाटिंग की दो-दो फुट की नींव व सडक़ को खोदकर एलडीए अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है। उक्त कार्रवाई से कागजों पर ध्वस्तीकरण की संख्या में इंजाफा दिखाया जा रहा है। लेकिन सच तो यह है इससे न तो अवैध निर्माण रूक रहा है न ही अवैध प्लाटिंग। क्योंकि बुलडोजर चलने से पहले सारे प्लाट बिक चुकें होते हैं।

प्रवर्तन टीम द्वारा कई बार बिल्डिंग को सील किया जा चुका है,सील बिल्डिंग को एलडीए द्वारा पुलिस अभिरक्षा में देने का नियम है,यह स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी है कि सील न तोड़ी जाए।

प्रथमेश कुमार,उपाध्यक्ष,एलडीए

Also Read: ‘किसी निर्दोष को सज़ा मिलना ज़्यादा घातक’, आनंदीबेन पटेल ने प्रशिक्षु सिविल न्यायाधीशों को दी अहम सलाह 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.