Lucknow News: एलडीए के बिकाऊ इंजीनियरों ने बिगाड़ डाली जानकीपुरम की सूरत
60 फिटा रोड पर इंजीनियर और बिल्डरों की मिलीभगत से खड़े हो गए बड़े-बड़े कॉम्पलेक्स
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए)के इंजीनियर लखनऊ के विकास की जगह उसकी सूरत बिगाडऩे में लगे हैं। निजी स्वार्थ के चलते अवैध निर्माणों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। निर्माण शुरू होने से लेकर अध्यासित हो जाने तक केवल दिखावे की कार्रवाई चलती रहती है। भले ही किसी निर्माण की दर्जनों शिकायते क्यों न आ जाए।

60 फिटा रोड पर इंजीनियर और बिल्डरों की मिलीभगत से खड़े हो गए बड़े-बड़े कॉम्पलेक्स
एलडीए के इंजीनियर फर्जी आख्या देने से परहेज नहीं करते हैं। ताजा मामला जानकीपुरम की 60 फिटा रोड का है जहां एलडीए के इंजीनियर और बिल्डरों की मिलीभगत से बड़े-बड़े कॉम्पलेक्स खड़े हो चुकें हैं। जानकीपुरम की 60 फिटा रोड पर शुभम टिम्बर के पास पिछले देढ़ साल से चार मंजिला अवैध कॉम्पलेक्स का निर्माण जारी है। वहां बेसमेंट से लेकर तीन फ्लोर बन कर तैयार हो चुकें हैं। लेकिन एलडीए के इंजीनियरों को यह निर्माण नजर नहीं आ रहा है।

अभी भी जारी है कई अवैध निर्माण,लेकिन एलडीए इंजीनियरों को नहीं आ रहे नजर
सूत्र बातते हैं कि उक्त अवैध निर्माण से लाखों की वसूली इंजीनियर से लेकर अफसरों ने की है। ऐसे में निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ यही हाल कुर्सी रोड का है जहां कुर्सी रोड स्थित जानकीपुरम सेक्टर-एच 3/7 पर आवासीय नक्शा पास कराकर व्यवसायिक निर्माण कराया जा रहा है। नक्शे से विपरीत निर्माण को छुपाने के लिए उसे टीन शेड से ढक किया गया है वहीं, ऊपर के फ्लोर को ग्रीन नेट से ढक दिया गया है। यहां भी इंजीनियरों की मिलीभगत के चलते निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

एक दर्जन कॉम्पलेक्स में खुल गई दुकानें
जानकीपुरम स्थित 60 फिटा रोड अवैध निर्माणों का गढ़ बन चुकी है। पिछले दो वर्षों में इस सडक़ पर एक दर्जन अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे एलडीए की ओर से नोटिस जारी करने और सील किए जाने की कार्रवाई भी दिखने को मिली। लेकिन बाद में इंजीनियरों की मिलीभगत के चलते लगभग सभी कॉम्पलेक्स में दुकानें खुल चुकीं हैं।

पार्किंग विहीन निर्माण से ट्रैफिक व्यवस्था चौपट
जानकीपुरम की 60 फिटा रोड की चौड़ाई पहले ही अतिक्रमण के चलते कम हो चुकी है। वहीं, अवैध निर्माणों में पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने के कारण वहां सडक़ पर ही बेतरतीब वाहन खड़े होते हैं। जिसके चलते अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। आने वाले समय में यह समस्या ट्रैफिक जाम की विकराल स्थिति में बदल जाएगी।
केवल इंजीनियरो के सहारे अवैध निर्माण
शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण जारी है। इन निर्माणों को क्षेत्रीय इंजीनियरों का संरक्षण रहता है यह बात भी किसी से छुपी नहीं है। फिर भी उच्च अफसरों को अवैध निर्माण के निरीक्षण की फुर्सत नहीं है। यह हाल तब है जब अवैध निर्माणों की सैंकड़ों शिकायतें एलडीए में रोजाना पहुंच रहीं हैं। कुछ शिकायतें तो बार-बार की जाती है फिर भी जोनल अफसर मौके पर जाकर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाते हैं।
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