Lucknow News: आज ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
Sandesh Wahak Digital Desk: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज राजधानी लखनऊ में अपनी ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ यात्रा का समापन और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर शुरू हुई यह यात्रा अब कानूनी विवादों और अन्य धर्माचार्यों के कड़े विरोध के घेरे में आ गई है।
आज का मुख्य कार्यक्रम
स्थान: कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन, आशियाना, लखनऊ।
गो रक्षा आंदोलन को गति देना और गाय को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाना।
कार्यक्रम के लिए मंगलवार से ही देश के विभिन्न हिस्सों से धर्माचार्य, साधु-संत और गो रक्षक लखनऊ पहुंच चुके हैं।
यात्रा का विवरण और कानूनी अड़चनें
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस यात्रा की शुरुआत 7 मार्च 2026 को वाराणसी से की थी, जिसका आज (11 मार्च) लखनऊ में समापन होना है। हालांकि, इस यात्रा को लेकर विवाद भी गहरा गया है।
एक धर्माचार्य के शिष्य ने जिला अदालत के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर शंकराचार्य को सीतापुर में प्रवेश करने से रोकने की मांग की है। न्यायालय इस मामले में 13 मार्च को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता का दावा है कि इस यात्रा से स्थानीय बटुक भयभीत हैं।
ज्योतिष पीठ चयन पर बढ़ा विवाद
शंकराचार्य के पद को लेकर विवाद भी तेज हो गया है। सनातन धर्म विकास परिषद के अध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
रसिक महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद पर ‘अधर्म के मार्ग’ पर चलकर ज्योतिष पीठ पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। रसिक महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करने वाले काशी के विद्वानों को ‘खुली शास्त्रार्थ’ की चुनौती दी है और काशी विद्वत परिषद की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

