Lucknow News: डॉक्टर से 20 लाख की फिरौती मांगने वाले दो रेलवे कर्मचारी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस ने एक निजी अस्पताल के मालिक से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी रेलवे विभाग में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कृष्णानगर स्थित एमसीसी हॉस्पिटल के मालिक डॉ. देवेश रजानी को 26 अगस्त 2025 की रात एक गुमनाम पत्र मिला था। यह पत्र एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक ने अस्पताल के गार्ड को दिया था। पत्र में 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। डॉ. रजानी ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद कृष्णानगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस उपायुक्त, दक्षिणी जोन, लखनऊ के नेतृत्व में क्राइम टीम, सर्विलांस सेल और कृष्णानगर थाने की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मैनुअल व तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान, पुलिस ने दो व्यक्तियों की पहचान की, जो रेलवे ब्रिज वर्कशॉप आलमबाग में तकनीशियन के तौर पर काम करते हैं। जांच के बाद, पुलिस ने उमेश कुमार मौर्या और सुजीत कुमार लोधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में ई-रिक्शा चालक ने भी पुष्टि की कि इन दोनों ने ही उसे इमरजेंसी बताकर पत्र अस्पताल पहुंचाने के लिए कहा था।
पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तार आरोपी उमेश मौर्या ने पुलिस को बताया कि उसने कुछ महीने पहले अपनी मां और पत्नी का इलाज एमसीसी हॉस्पिटल में कराया था। इलाज और बिल को लेकर डॉ. रजानी से उसकी कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद से वह डॉक्टर से रंजिश रखने लगा था। उमेश मौर्या, जो पहले भी चार साल जेल में रह चुका है और कई बैंकों से कर्ज ले रखा है, ने अपने साथी सुजीत के साथ मिलकर फिरौती की योजना बनाई।
उन्हें लगा था कि डॉक्टर डर के मारे पुलिस को सूचना नहीं देगा और 20 लाख रुपये दे देगा। उन्होंने पत्र में पैसे पहुंचाने की जगह भी बताई थी, लेकिन मीडिया में खबर चलने के बाद वे डर गए और तय स्थान पर दोबारा नहीं गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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