Lucknow News: 30 लाख की अवैध शराब के साथ दो शातिर तस्कर गिरफ्तार, लोहे के पाइप की आड़ में हो रही थी तस्करी

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर पंजाब से शराब लेकर बिहार में खपाने की फिराक में थे और तस्करी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था। शराब को लोहे के पाइप के नीचे छिपाकर डीसीएम वाहन से भेजा जा रहा था।

पकड़े गए आरोपी और बरामद शराब

गोसाईगंज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर डीसीएम वाहन संख्या UP23-BT-0307 को कबीरपुर क्षेत्र में रोका। वाहन से दो शख्स दिनेश कुमार परमार (45) और जगदीश (36) गिरफ्तार किया। दोनों निवासी चापा नेर, थाना खांचरोद, जिला उज्जैन (मध्य प्रदेश) को हिरासत में लिया गया।

जांच में वाहन के भीतर 14484 बोतल अंग्रेजी शराब (कुल लगभग 4691 लीटर) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। बरामद शराब हिमाचल प्रदेश निर्मित है, जिसे केवल चंडीगढ़ में बेचने की अनुमति है, लेकिन इसे बिहार भेजा जा रहा था, जहां शराबबंदी लागू है।

लोहे के पाइपों में छिपाई थी शराब

तस्करों ने पुलिस को धोखा देने के लिए गाड़ी में ऊपर से 20 फुट लंबे लोहे के पाइप लाद रखे थे। गाड़ी के पिछले हिस्से में पाइपों की वेल्डिंग कर शराब के कार्टन छिपा दिए गए थे। ऊपर से देखने पर ऐसा लगता था जैसे गाड़ी में सिर्फ लोहे की पाइपें लदी हों, जिससे पुलिस की नजर न पड़े।

इतना ही नहीं, शराब तस्करी को अंजाम देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट और जाली दस्तावेज तैयार किए गए थे। असली नंबर UP32-VN-7115 की जगह गाड़ी पर नकली नंबर UP23-BT-0307 लगा था।

सिग्नल ऐप के जरिए हो रहा था नेटवर्क का संचालन

पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी ‘सिग्नल ऐप’ के माध्यम से माल भेजने और खरीदने वालों से संपर्क में रहते थे, ताकि उनकी लोकेशन और बातचीत को ट्रेस न किया जा सके। शराब कहां ले जानी है, इसका पूरा निर्देश इन्हीं ऐप्स के जरिए दिया जाता था।

डीसीएम वाहन की असली आरसी चेक करने पर पता चला कि गाड़ी लखनऊ निवासी विनय कुमार मिश्रा के नाम रजिस्टर्ड है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाड़ी रोहतास नामक व्यक्ति को चलाने के लिए दी थी, जिसने गाड़ी वापस नहीं की और अब फरार है।

बिलिंग में भी की गई थी धोखाधड़ी

शराब की आड़ में तस्कर ‘आर.के. इंटरप्राइजेज, दिल्ली’ से ‘बिपिन एंटरप्राइजेज, असम’ के नाम 10.60 टन लोहे के सीमलेस पाइप की बिलिंग दिखा रहे थे, जो पूरी तरह से फर्जी पाई गई। बिल 15 जुलाई 2025 की तारीख पर बना हुआ था।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। इनके खिलाफ गोसाईगंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बरामदगी विवरण

  • एक डीसीएम वाहन (फर्जी नंबर सहित)
  • 118 पेटी इम्पीरियल ब्लू (750ml × 1416 बोतल)
  • 248 पेटी इम्पीरियल ब्लू (375ml × 5952 बोतल)
  • 144 पेटी इम्पीरियल ब्लू (180ml × 6912 बोतल)
  • 12 पेटी मैकडावेल्स No.1 (750ml × 144 बोतल)
  • 5 पेटी वुड्समैन (750ml × 60 बोतल)

मुख्य सरगना की तलाश जारी

इस पूरे नेटवर्क में रोहतास, निवासी संगरूर (पंजाब), को मुख्य सरगना माना जा रहा है, जो फरार है। उसके खिलाफ पहले से ही मालिक विनय मिश्रा द्वारा शिकायत दर्ज की गई थी। इस बड़ी कार्रवाई में शामिल थाना गोसाईगंज पुलिस टीम को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी द्वारा ₹25,000 नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।

यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है। अवैध शराब तस्करी पर लगाम कसने के लिए जिस तरह से संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है, वह न केवल प्रशंसनीय है बल्कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की स्पष्ट झलक भी दिखाता है।

Also Read: आजमगढ़ में वेंटिलेटर पर स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीज जमीन पर बैठकर ले रहा ऑक्सीजन

Get real time updates directly on you device, subscribe now.