लखनऊ का ‘थार गैंग’ गिरफ्तार, लिफ्ट देकर लूटने वाले 7 शातिर बदमाश धरे गए, थार और असलहे बरामद

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच और थानों की संयुक्त टीम ने राजधानी में दहशत फैलाने वाले एक अनोखे ‘थार गैंग’ का पर्दाफाश किया है। यह गैंग बिना नंबर प्लेट की थार गाड़ी का इस्तेमाल कर लोगों को लिफ्ट देता था और फिर सुनसान इलाकों में ले जाकर उनके साथ लूटपाट करता था।

राजधानी लखनऊ के सैरपुर, मड़ियाव और बीकेटी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से एक काले रंग की थार गाड़ी लोगों के लिए खौफ का पर्याय बनी हुई थी। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम और कई थानों की पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस ‘थार गैंग’ के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गैंग लग्जरी गाड़ी का झांसा देकर राहगीरों को फंसाता था और फिर उनसे सब कुछ छीनकर सड़क किनारे फेंक देता था।

 

 

वारदात का तरीका: लिफ्ट के बहाने लूट

इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग बिना नंबर प्लेट की थार गाड़ी लेकर शहर के मुख्य चौराहों पर खड़े होते थे। वे घर जाने का इंतजार कर रहे अकेले यात्रियों को निशाना बनाते थे और कम पैसे में मंजिल तक छोड़ने का लालच देकर उन्हें गाड़ी में बिठा लेते थे।

एक बार जब शिकार गाड़ी के अंदर बैठ जाता, तो गैंग के सदस्य (जो पहले से ही अंदर मौजूद होते थे) चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट शुरू कर देते थे। सुनसान रास्ता या किसान पथ आते ही, वे पीड़ित से नकदी, मोबाइल और कीमती सामान लूट लेते थे और उसे चलती गाड़ी से धक्का देकर फरार हो जाते थे।

सैरपुर की घटना ने खोला राज

इस पूरे मामले का खुलासा 1 फरवरी 2026 को हुई एक घटना के बाद हुआ। कानपुर निवासी हृदयनारायण ने शिकायत दर्ज कराई कि वह लखनऊ के हैंडल चौराहा पर घर जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। तभी एक काली थार आई, जिसमें 4 लोग सवार थे। उन्होंने 100 रुपये में कानपुर छोड़ने की बात कही। हृदयनारायण जैसे ही गाड़ी में बैठे, बदमाशों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया और उनके 60,000 रुपये व मोबाइल लूट लिए। बाद में उन्हें किसान पथ के पास एक आलू के खेत में धक्का देकर बदमाश भाग निकले।

घेराबंदी और गिरफ्तारी

मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना सैरपुर पुलिस ने रैथा किसान पथ के पास लोधमऊ अंडरपास की सर्विस लेन पर घेराबंदी की। पुलिस ने जब संदिग्ध बिना नंबर की थार को रोका, तो उसमें चार लोग सवार थे। तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए।

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गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची

ऋषभ गोस्वामी: गैंग का सरगना, जिस पर चोरी और लूट के दर्जनों मामले दर्ज हैं।

अक्षय कुमार: ऋषभ का साथी, इसका भी लंबा आपराधिक इतिहास है।

ऋषभ पाण्डेय (ट्रैवल एजेंट): यह गैंग का सबसे महत्वपूर्ण मोहरा था। इसकी ‘जस्ट बुक योर कार’ नाम से ट्रैवल कंपनी है, जिससे यह लूट के लिए थार गाड़ी उपलब्ध कराता था और लूट के माल में हिस्सा लेता था।

आलोक, शुभम पाण्डेय, ज्ञानी और रामसफल: गैंग के अन्य सदस्य जो वारदात में हाथ बंटाते थे।

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बरामदगी

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से लूट की वारदातों से जुड़ा निम्नलिखित सामान बरामद किया है।

नकद: 40,130/- रुपये।

वाहन: लूट में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की महिंद्रा थार।

मोबाइल: लूटे गए और व्यक्तिगत इस्तेमाल के 2 एंड्रॉइड फोन (Vivo और OnePlus)।

हथियार: दो अवैध तमंचे (12 बोर) और दो जिंदा कारतूस।

अपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई

पकड़े गए अभियुक्तों में से ऋषभ गोस्वामी और अक्षय कुमार पेशेवर अपराधी हैं। इन पर लखनऊ के हुसैनगंज, गोसाईगंज और पारा जैसे थानों में चोरी, धोखाधड़ी और लूट के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि इस गिरफ्तारी से सैरपुर, सरोजनीनगर और बीकेटी थानों में दर्ज लूट के तीन बड़े मुकदमों का खुलासा हुआ है।

प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार कोरी ने बताया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6), 61(2), 317(2) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जा रहा है।

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