लखनऊ पुलिस का ‘चाइनीज मांझा’ मुक्त अभियान, डीसीपी पश्चिम की व्यापारियों संग बड़ी बैठक
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझा (सिंथेटिक डोर) से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। गुरुवार को पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) विश्वजीत श्रीवास्तव की अध्यक्षता में थाना चौक परिसर में एक विशेष जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारियों ने प्रतिबंधित मांझा न बेचने की सामूहिक शपथ ली।

शौक के बदले शोक नहीं
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीसीपी पश्चिम ने स्पष्ट किया कि पतंगबाजी का शौक किसी की जान पर भारी नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा न केवल दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए जानलेवा है, बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी काल साबित होता है।

व्यापारियों और अभिभावकों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और पतंग विक्रेताओं ने शासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंधित मांझे का विक्रय, भंडारण या प्रयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोष्ठी के दौरान एक सकारात्मक पहल देखने को मिली, जहां कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के पास मौजूद मांझे और चर्खी को स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द कर दिया और सादे सूती धागे (सद्दी) के प्रयोग का संकल्प लिया।

विशेष अभियान की मुख्य बातें
पश्चिमी जोन की पुलिस घर-घर और दुकान-दुकान जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा और क्षेत्रीय पार्षद अनुराग मिश्रा ने भी जनसुरक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने के लिए पुलिस की टीमें लगातार बाजार में चेकिंग अभियान चलाएंगी।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित विकल्पों का ही चुनाव करें ताकि लखनऊ की आसमान छूती पतंगबाजी की परंपरा किसी के लिए मातम का कारण न बने।
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