Lucknow News: यूजीसी के खिलाफ सवर्णों का हल्लाबोल, नए नियमों को बताया भेदभावपूर्ण
Lucknow News: यूजीसी (UGC) द्वारा जारी किए गए नए नियमों के खिलाफ राजधानी लखनऊ में सवर्ण समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए नियम समाज में जातिगत आधार पर भेदभाव बढ़ाएंगे और सामान्य वर्ग (General Category) के हितों के खिलाफ हैं। सवर्ण मोर्चा के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रदर्शन की शुरुआत ऐतिहासिक ‘परिवर्तन चौक’ से हुई।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ आरएएफ (RAF) की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया था। लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे ताकि स्थिति काबू से बाहर न हो। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यूजीसी उस कानून को वापस ले जिसे वे ‘भेदभावपूर्ण’ मान रहे हैं।
विवाद यूजीसी के उन नए नियमों को लेकर है जिनमें जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा तय की गई है। सवर्ण समाज की आपत्ति है कि नए नियमों में भेदभाव को केवल एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) वर्ग तक सीमित कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ होने वाले किसी भी भेदभाव को इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखी है रोक
यह मामला देश के कई हिस्सों में विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर फिलहाल रोक लगा रखी है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था, प्रथम दृष्टया यह नियम अस्पष्ट हैं और इनके परिणाम समाज को खतरनाक रूप से विभाजित करने वाले हो सकते हैं।
पुराना नियम लागू: कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए 2012 के पुराने नियमों को फिलहाल बहाल कर दिया है।
केंद्र से जवाब तलब: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी से 19 मार्च तक इस मामले पर विस्तृत जवाब मांगा है।
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