लखनऊ: SGPGI ट्रॉमा सेंटर हुआ ‘हाई-टेक’, अब मिनटों में होगी गंभीर चोट की सटीक जांच
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में अब घायलों का इलाज पहले से कहीं ज्यादा सटीक और तेज होगा। संस्थान के रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए चार नई और बेहद आधुनिक इमेजिंग मशीनें शुरू की हैं। इन मशीनों के आने से डॉक्टरों को गंभीर चोट वाले मरीजों का ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) में इलाज शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी।
इन 4 मशीनों से मिलेगी नई ताकत
संस्थान के निदेशक डॉ. आर.के. धीमन ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। नई मशीनों में शामिल हैं।
पूरी तरह ऑटोमैटिक डिजिटल एक्स-रे यूनिट: यह पुरानी मशीनों के मुकाबले बहुत स्पष्ट फोटो देती है और बेहद तेज काम करती है।
एडवांस्ड अल्ट्रासाउंड सिस्टम: यह मांसपेशियों की चोट, लिगामेंट फटने और बारीक फ्रैक्चर का भी सटीक पता लगा लेगा।
मोबाइल एक्स-रे यूनिट: यह मशीन उन मरीजों के लिए वरदान है जो बेड से हिल नहीं सकते। डॉक्टर अब उनके बेड के पास जाकर ही एक्स-रे कर सकेंगे।
सीआर (CR) सिस्टम: इससे डिजिटल तस्वीरों को स्टोर करना और प्रोसेस करना बहुत आसान हो जाएगा।

इलाज में नहीं होगी देरी: डॉ. आर.के. धीमन
उद्घाटन के दौरान डॉ. धीमन ने कहा, “ट्रॉमा के मरीजों के लिए सही समय पर सही जांच होना ही उनकी जान बचाने की पहली सीढ़ी है। इन नई प्रणालियों से काम की रफ्तार बढ़ेगी और मरीजों के वेटिंग टाइम में भारी कमी आएगी।” इस मौके पर रेडियोडायग्नोसिस की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
जल्द शुरू होंगी MRI और DSA जैसी सुविधाएं
ट्रॉमा सेंटर में पहले से ही 128-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी बड़ी मशीन काम कर रही है। संस्थान की भविष्य की योजना यहाँ एमआरआई (MRI) और डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) जैसी बड़ी सुविधाएं शुरू करने की है, ताकि एक्सीडेंट या अन्य गंभीर चोट के शिकार मरीजों को एक ही छत के नीचे दुनिया की बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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