लखनऊ: रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी पर फायरिंग करने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार, क्या थी हमले की वजह?
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में बीते 30 जनवरी को क्लाउड किचन चलाने वाले रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी अवधेश कुमार पाठक पर हुई फायरिंग के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने अमेठी के रहने वाले दो भाइयों दुर्गेश मिश्रा और अमित मिश्रा को गिरफ्तार किया है।
क्या थी हमले की वजह?
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली है। मुख्य आरोपी अमित मिश्रा ने बताया 28 नवंबर 2025 को अर्जुनगंज इलाके में अवधेश पाठक की कार और अमित की बाइक के बीच ओवरटेक को लेकर विवाद हुआ था। अमित का आरोप है कि उस वक्त एयरफोर्स अधिकारी ने उसे अंग्रेजी में गाली दी और दो थप्पड़ भी मारे। अमित को यह बात इतनी चुभी कि उसने उसी दिन ‘सबक सिखाने’ की ठान ली।

कैसे दिया घटना को अंजाम?
30 जनवरी की रात अमित अपने बड़े भाई दुर्गेश के साथ सुशांत गोल्फ सिटी स्थित शॉपिंग स्क्वायर पहुंचा। वहां उसने अधिकारी की गाड़ी पहचान ली। जैसे ही अवधेश पाठक अपनी दुकान से निकलकर कार में बैठने लगे, दुर्गेश ने उन्हें बातों में उलझाया। इसी बीच अमित ने पास आकर देशी तमंचे से उनके माथे को निशाना बनाकर गोली चला दी। खुशकिस्मती रही कि अधिकारी की जान बच गई। वारदात के बाद दोनों भाई बाइक से अमेठी भाग निकले थे।
300 CCTV कैमरे और 20 दिन की मेहनत
लखनऊ पुलिस के लिए यह केस एक चुनौती था क्योंकि हमलावर अज्ञात थे। पुलिस कमिश्नरेट की 8 टीमों और सर्विलांस सेल ने मिलकर काम किया।
करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
अंसल शॉपिंग स्क्वायर के हर दुकानदार से पूछताछ की गई।
आखिरकार टेक्निकल इनपुट के आधार पर दोनों भाइयों को गुरुवार तड़के झिलझिलापुरवा के पास से दबोच लिया गया।
पुलिस टीम को 25,000 का इनाम
इस सटीक कार्रवाई और केस सुलझाने वाली टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) ने 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल तमंचा, खोखा और बाइक भी बरामद कर ली है।
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