लखनऊ में ‘सब्जी बेचने वाले’ निकले शातिर नकबजन, 18 लाख के जेवरात और बाइक बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ की मड़ियांव पुलिस और अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) की संयुक्त टीम ने दो बेहद शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश दिन में सब्जी बेचने का ढोंग कर बंद मकानों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में ताला या खिड़की तोड़कर जेवरात बटोर ले जाते थे। इनकी गिरफ्तारी से मड़ियांव और सैरपुर क्षेत्र की चोरी की तीन बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है।

18 लाख के जेवरात और नकदी बरामद
पुलिस ने मड़ियांव पुल के नीचे घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को उस समय दबोचा जब वे चोरी की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल से भागने की फिराक में थे। तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में सोना और चांदी बरामद हुआ।

सोना (पीली धातु): लगभग 100 ग्राम (हार, चेन, कड़ा, झुमकी और मांग टीका)।
चांदी (सफेद धातु): लगभग 1 किलोग्राम (पायल, गिलास, प्लेट और लड्डू गोपाल की मूर्ति)।
अन्य: ₹8,800 नगद, दो मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल।

कौन हैं ये शातिर चोर?
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुके हैं:
सोनू वर्मा उर्फ बोगा: उम्र 42 वर्ष, मूल निवासी लखीमपुर खीरी। वर्तमान में मड़ियांव में रहकर सब्जी बेचने का काम करता था। इस पर चोरी और शस्त्र अधिनियम के 8 मुकदमे दर्ज हैं।
सुन्दर लाल गुप्ता: उम्र 40 वर्ष, निवासी इटौंजा। यह भी सब्जी विक्रेता के रूप में काम करता था और इस पर भी लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट के 8 मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में सामने आया कि ये दोनों पहले उन घरों की पहचान करते थे जहां ताला लटका होता था या परिवार कहीं बाहर गया होता था। मौका मिलते ही ये खिड़की या लॉकर तोड़कर कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे। चोरी के गहने ये स्थानीय बाजारों में बेचकर अपनी सुख-सुविधाओं और शौक पूरे करने में खर्च करते थे।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
डीसीपी (उत्तरी जोन) के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पुलिस ने पिछले साल दिसंबर और इस साल फरवरी में हुई चोरियों का सफल अनावरण किया है। पुलिस अब इनके एक अन्य फरार साथी की तलाश कर रही है, जिसकी जानकारी पूछताछ में मिली है।
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