लखनऊ : हमें स्कूलों पर ताले नहीं, अपने बच्चों के लिए तालीम चाहिए

Sandesh Wahak Digital Desk : लखनऊ आम आदमी पार्टी की ज़िलाध्यक्ष इरम के नेतृत्व में लखनऊ कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इरम ने कहा कि “प्रदेश में पहले ही 27 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं, अब और स्कूल मर्ज हो गए तो हमारे बच्चे कहां पढ़ेंगे? हमें स्कूलों पर ताले नहीं, अपने बच्चों के लिए तालीम चाहिए।”

आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकारी स्कूलों को मर्ज करने के विरोध में लखनऊ कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि – योगी सरकार हमारे बच्चों का हक़ छीन रही है, कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देने की बात कही,और कहा कि “हमको मधुशाला नहीं पाठशाला चाहिए।”

योगी सरकार को अपना तुगलकी फारमान वापस लेना पड़ेगा 

आम पार्टी नेता संसद संजय सिंह के आवाहन पर पूरे प्रदेश में योगी सरकार के तुगलकी फारमान में स्कूल बंद करने की बात की हैं। सरकार बच्चों से उनकी शिक्षा का अधिकार छीन रही हैं। हमारा कुसूर बस इतना है कि हम स्कूल बचाना चाहते है। कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “योगी पुलिस एक नहीं एक हजार बार बंद करे हम स्कूल बंद नहीं होने देंगे। जब तक योगी सरकार अपना तुगलकी फ़रमान वापस नहीं ले लेती,हम पीछे नहीं हटने वाले। ” सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है, हम लोग सरकारी आदेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। ये सरकार गरीब दलित बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। RTE का खुलेआम उलंघन हो रहा है। योगी सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और मधुशालाओं को खोलने का काम कर रही है।

शिक्षक संघ की बीएसए कार्यालय पर धरना करने की चेतावनी

आपको बता दें कि सरकारी स्कूलों को विलय करने के बाद प्राथमिक स्कूलों के हो रहे विलय के विरोध में यूपी के प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी आंदोलन की घोषणा की है। इसके विरोध में सोशल मीडिया पर अभियान चलाये जाने और बीएसए कार्यालय पर धरना करने की घोषणा की जा रही है। संघ की ओर से सभी जिलाध्यक्ष व जिला मंत्रियों को निर्देश जारी किये हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा हजारों विद्यालयों को पेयरिंग के नाम पर बंद किया जा रहा है। प्रदेश में 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय और 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इसके पूर्व एक ही परिसर में स्थित लगभग 20 हजार विद्यालयों का विलय करके प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिये गये थे।

मायावती ने दलित और पिछड़ों की उठाई आवाज 

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बसपा राष्ट्रिय अध्यक्ष मायावती

बसपा राष्ट्रिय अध्यक्ष मायावती ने वर्तमान सरकार से अपील है करते हुए अपने एक्स हेंडल पर लिखा कि “बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे स्कूलों को बंद करने वाला जो फैसला लिया गया है, वह ग़रीबों के करोड़ों बच्चों को उनके घर के पास दी जाने वाली सुगम व सस्ती सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति न्याय नहीं, बल्कि पहली नजर में ही स्पष्ट तौर पर यह अनुचित, गै़र-ज़रूरी एवं गरीब-विरोधी प्रतीत होता है। सरकार से अपील है कि वह अपना युग्मन/एकीकरण का यह फैसला ग़रीब छात्र-छात्राओं के व्यापक हित में तुरन्त वापस लेे। यदि सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती है तो फिर हमारी पार्टी इनके सभी माता-पिता व अभिभावकों को यह विश्वास दिलाना चाहती है कि हमारी पार्टी बी.एस.पी. की सरकार बनने पर फिर इस फैसले को रद्द करके पुनः यहाँ प्रदेश में पुरानी व्यवस्था बहाल की जायेगी। वैसे उम्मीद है कि यूपी सरकार गरीबों व आमजन की शिक्षा के व्यापक हित के मद्दनज़र अपने इस फैसले को बदलने के बारे में ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

योगी सरकार पर अखिलेश यादव ने कसा तंज 

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सपा राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों का एकीकरण (विलय) गरीबों और वंचितों को शिक्षा से दूर करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा, जिससे वे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे. उन्होंने शुक्रवार को सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राजयपाल को लिखा पत्र 

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राज्यपाल से विद्यालयों का विलय रोकने का अनुरोध किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार जनविरोधी और मनमानी नीतियां लागू कर रही है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी के बच्चों को हो रहा है। सरकारी विद्यालयों का मनमाने ढंग से विलय किया जा रहा है। ग्रामीण व गरीब परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। यह सरकार न केवल अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आरक्षण नियमों का खुला उल्लंघन कर रही है। 69,000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भारी अन्याय हुआ है। पिछड़े वर्ग में 27 प्रतिशत आरक्षण के बजाय मात्र 3.86 प्रतिशत स्थान दिए गए। यह बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही, शिक्षक भर्तियों को लटकाकर और रिक्त पदों को भरने में आनाकानी कर सरकार सरकारी विद्यालयों को जानबूझकर कमजोर कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी विद्यालयों के एक किलोमीटर के दायरे में प्राइवेट विद्यालयों को मान्यता न देने के नियम का भी उल्लंघन किया है। यह कदम निजीकरण को बढ़ावा देने और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने की साजिश का हिस्सा है।

हजारों रसोईयों के सामने आ सकती है बेरोजगारी की समस्या 

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा व महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि विद्यालयों के विलय से छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी, वहीं हजारों रसोईयों की सेवा समाप्त हो जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे लेकर दबाव बनाकर विद्यालय बंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 30 जून को प्रदेश के 822 ब्लॉकों में अभिभावकों व ग्राम प्रधानों की बैठक के बाद विरोध करने की बात कही है। उन्होंने ये भी बताया कि 6 जुलाई को एक्स और 8 जुलाई को बीएसए कार्यालय पर धरना देकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया जायेगा।

विद्यालयों के विलय के बाद अभिभावकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गयी है अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को अब 3 से 4 किलोमीटर दूर भेजना बड़ी चुनौती बन गयी है जबकि ग्रामीण इलाकों में कहीं की सड़के सही नहीं और कहीं कहीं रस्ते सून-सान है ऐसे में ऐसा सुरक्षित नहीं है।

क्यों किया जा रहा है स्कूलों का विलय ?

सरकार के मुताबिक, कई सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम है। इन स्कूलों को नजदीकी बड़े स्कूलों में मर्ज करके संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। इससे एक ही जगह पर्याप्त शिक्षक, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने में मदद मिलेगी।

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