कचरे से जगमगाएगा लखनऊ! मेयर सुषमा खर्कवाल ने अहमदाबाद में देखा ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ नगर निगम अब कूड़े के निस्तारण के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक तरीका अपनाने की तैयारी में है। गुरुवार को मेयर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में लखनऊ का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद पहुंचा। यहां टीम ने नगर निगम द्वारा संचालित उस आधुनिक प्लांट का निरीक्षण किया, जहां रोजाना सैकड़ों टन कचरे से बिजली पैदा की जा रही है।

अहमदाबाद मॉडल: 1000 टन कचरा और 15 मेगावाट बिजली

निरीक्षण के दौरान अहमदाबाद के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट कचरा प्रबंधन का एक बेहतरीन उदाहरण है।

तकनीक: यहां ‘मार्टिन रिवर्स ग्रेट फायरिंग’ तकनीक का इस्तेमाल कर कचरे को जलाया जाता है, जिससे पैदा होने वाली भाप से 15 मेगावाट क्षमता की टरबाइन चलती है।

क्षमता: यह प्लांट हर दिन करीब 1000 मीट्रिक टन ठोस कूड़े को बिजली में बदल देता है।

लागत और मॉडल: लगभग 375 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट पीपीपी (PPP) मॉडल पर 14 एकड़ में फैला हुआ है।

लखनऊ के लिए क्यों है यह जरूरी?

लखनऊ में भी कचरे का सही निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य तकनीक, लागत और संचालन को समझना था ताकि लखनऊ में भी इसी तरह का एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल मॉडल विकसित किया जा सके। इससे न केवल शहर साफ होगा, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा का स्रोत भी मिलेगा।

कार्बन क्रेडिट से होगी करोड़ों की कमाई

अध्ययन के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया  ‘कार्बन क्रेडिट’। अधिकारियों के मुताबिक, अगर लखनऊ नगर निगम इस तकनीक को अपनाकर कार्बन क्रेडिट के लिए क्लेम करता है, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निगम को हर साल 1.5 से 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई भी हो सकती है।

इस दौरे में नगर निगम की उपाध्यक्ष चरनजीत गांधी, पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव सहित कई पार्षद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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