उज्जैन में नमाज के बाद पथराव और बस में आगजनी, महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार शाम को हुई आगजनी के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शहर के कुछ इलाकों में फिर से पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। प्रशासन द्वारा लागू की गई धारा 163 (पहले की धारा 144) के बावजूद उपद्रवियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया।
शुक्रवार दोपहर को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब नई बाखल और ताकिया कलीम जैसे इलाकों में अचानक भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। बस स्टैंड के पास खड़ी एक बस, जो गुरुवार को भी तोड़फोड़ का शिकार हुई थी, उसे उपद्रवियों ने आज पूरी तरह जला दिया। इलाके की कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि 25-30 लोगों की भीड़ अचानक मोहल्ले में घुसी, उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की और घरों के शीशे तोड़ते हुए निकल गई।

बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा
दूसरी ओर, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन से मांग की कि आरोपी के अवैध निर्माण पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए। स्थानीय विधायक महेश परमार भी मौके पर पहुंचे और पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
उज्जैन पुलिस ने अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उपद्रव वाले इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि भीड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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