मद्रास हाईकोर्ट का करूर भगदड़ की CBI जांच से इनकार, राजनीतिक रैलियों के लिए दिए कड़े SOP तैयार करने का सुझाव

Sandesh Wahak Digital Desk: मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु के करूर में पिछले महीने हुई भीषण भगदड़ के मामले में सीबीआई जाँच का आदेश देने से इनकार कर दिया। हालाँकि, कोर्ट ने भविष्य में होने वाली राजनीतिक रैलियों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का सुझाव दिया है। बता दें कि करूर में हुई इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

जस्टिस एम धंदापानी और एम जोतिरमन की पीठ ने भाजपा नेता उमा आनंदन की उस याचिका पर कार्यवाही करने से मना कर दिया, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा, इस अदालत को राजनीतिक अखाड़े की तरह न समझें। अदालत ने यह भी कहा कि अगर भगदड़ के पीड़ित व्यक्ति खुद अदालत आते हैं, तो हम उनकी मदद करेंगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को छूट दी कि यदि वर्तमान जांच ठीक से नहीं की जाती है तो वह दोबारा अदालत आ सकते हैं। फिलहाल, कोर्ट ने उन्हें करूर घटना की प्रारंभिक जांच को आगे बढ़ने देने के लिए कहा।

हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने राजनीतिक रैलियों या बैठकों के संबंध में एसओपी तैयार करने के तमिलनाडु सरकार के सुझाव पर गौर किया। अदालत ने सुझाव दिया कि भविष्य में जब ऐसी रैलियाँ आयोजित की जाएँ, तो सरकार और राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रैली स्थल पर पीने के पानी और स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। कोर्ट ने राज्य या राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट आयोजनों की अनुमति न देने के लिए भी सुझाव दिया।

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