मदरसा बोर्ड का सख्त एक्शन: बलरामपुर के कार्यवाहक प्रधानाचार्य पर FIR के आदेश, जानिए पूरा मामला
यूपी मदरसा शिक्षा परिषद की बड़ी कार्रवाई, बलरामपुर मदरसे के शिक्षक पर एफआईआर और मान्यता रद्द करने की तैयारी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से बलरामपुर जिले 25 सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त मदरसे हैं। इन मदरसों में आए दिन कोई ना कोई ना विवाद सामने आता रहता है। परिषद ने बलरामपुर जिले के मदरसा जामिया अहले सुन्नत फजलुल उलूम, बलरामपुर नगर में एक बड़े विवाद पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। परिषद ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और बार-बार के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में मदरसे के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सादिक हुसैन के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

चार्ज न छोड़ने पर कार्रवाई
विवाद की जड़ कार्यवाहक प्रधानाचार्य सादिक हुसैन द्वारा स्थाई प्राचार्य अब्दुल वहाब को महीनों से पदभार (चार्ज) न सौंपा जाना है, जबकि वहाब कानूनी लड़ाई के बाद पद पर वापसी के लिए लगे हुए हैं।

मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार/निदेशक अंजना सिरोही द्वारा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य को जारी आदेश पत्र (दिनांक 17 अक्टूबर 2025) में स्पष्ट किया गया है कि परिषद के पूर्व आदेशों (17 सितंबर 2025 और 14 अक्टूबर 2025) का कार्यवाहक प्रधानाचार्य सादिक हुसैन ने अनुपालन नहीं किया। उन्होंने न तो अब्दुल वहाब को चार्ज दिया और न ही इस संबंध में भेजे गए पत्रों का कोई जवाब दिया।
कार्यालयी कार्य प्रभावित
पत्र में उल्लेख है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सादिक हुसैन और जिले के संबंधित अधिकारियों द्वारा शासकीय पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, जिसके कारण कार्यालयी कार्य प्रभावित हुआ। परिषद ने इसे शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने और परिषद के आदेश की अवहेलना माना है।
एफआईआर और मान्यता निरस्तीकरण की तैयारी
मामले को गंभीर मानते हुए, परिषद ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक सादिक हुसैन (जो मदरसा में सहायक अध्यापक फोकनिया के रूप में तैनात हैं) के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही, मदरसे की पूर्व में हुई जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संस्था की मान्यता निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार कर परिषद कार्यालय को भेजने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इस आदेश के बाद शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। परिषद की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन और शासनादेशों के पालन को लेकर एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, मामले पर जानकारी देते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने कहा है कि बोर्ड के रजिस्ट्रार से जो निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यालय खुलने के बाद चीजों को सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यवाहक प्राचार्य सादिक हुसैन से पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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