लखनऊ में लोकतंत्र का महाकुंभ: आज से जुटेगा देश भर की विधानपालिकाओं का संगम, छावनी में तब्दील हुई राजधानी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज से तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन’ (86वां सत्र) की मेजबानी कर रही है। 19 से 21 जनवरी तक चलने वाले इस गौरवशाली आयोजन में देश भर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, विधान परिषदों के सभापति और संसदीय विशेषज्ञ लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायी कार्यकुशलता पर मंथन करेंगे। उत्तर प्रदेश को चौथी बार (पिछली बार 2015) इस सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है।
मुख्य कार्यक्रम और अतिथि
उद्घाटन (19 जनवरी): राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधान भवन में सम्मेलन का शुभारंभ करेंगी। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
प्रमुख सत्र (20 जनवरी): विधायी संस्थाओं की भूमिका, संसदीय मर्यादा और कार्यकुशलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी।
समापन (21 जनवरी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था: 5 जोन और 13 सेक्टर में सुरक्षा घेरा
दिल्ली में हुई हालिया घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
सुरक्षा बल: 5 एएसपी, 13 डिप्टी एसपी, 45 इंस्पेक्टर और करीब 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ एटीएस (ATS) कमांडो तैनात रहेंगे।
तकनीकी निगरानी: बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड लगातार विधान भवन और वीवीआईपी होटलों की निगरानी कर रहे हैं।
ट्रैफिक डायवर्जन: घर से निकलने से पहले जान लें ये रास्ते
आयोजन के कारण हजरतगंज और विधान भवन के आसपास सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कड़ा डायवर्जन लागू है। इमरजेंसी के लिए कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया गया है।
बंदरियाबाग से हजरतगंज/विधान भवन: सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। विकल्प: लालबत्ती या 1090 चौराहा।
रॉयल होटल चौराहा: विधान भवन के सामने से हजरतगंज की ओर सभी वाहन प्रतिबंधित।
हुसैनगंज/वर्लिंग्टन: यहां से वाहन रॉयल होटल की ओर नहीं जा सकेंगे। विकल्प: कैसरबाग या सदर।
चारबाग से आने वाली बसें: केकेसी तिराहे से डायवर्ट होकर लोको या कैंट होकर जाएंगी।
गोमतीनगर/महानगर बसें: ये बसें 1090, संकल्प वाटिका या चिरैयाझील होकर कैसरबाग जाएंगी।
सुशांत गोल्फ सिटी: होटल ‘द सेंट्रम’ की ओर जाने वाले मार्ग प्रतिबंधित रहेंगे।

