पार्टी से सस्पेंड होते ही कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बदला पाला, सभी ने ज्वाइन की बीजेपी
Sandesh Wahak Digital Desk: महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में जारी सियासी खींचतान का अंत कांग्रेस के सामूहिक दलबदल के साथ हुआ। भाजपा के साथ हाथ मिलाने के आरोप में निलंबित किए गए कांग्रेस के सभी 12 पार्षदों ने बुधवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इन पार्षदों का स्वागत करते हुए इसे ‘विकास की जीत’ करार दिया।
अंबरनाथ की 60 सदस्यीय परिषद में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। चुनाव परिणाम कुछ इस तरह थे।
शिवसेना: 27 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से 4 कम)
भाजपा: 14 सीटें
कांग्रेस: 12 सीटें
NCP (अजीत पवार): 4 सीटें
निर्दलीय: 2 सीटें
हैरानी तब हुई जब कट्टर प्रतिद्वंद्वी भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी ने हाथ मिला लिया और अंबरनाथ विकास अघाड़ी (AVA) बना लिया। इस गठबंधन ने 32 सदस्यों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया और शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया।
भाजपा के साथ इस गठबंधन को कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी विचारधारा के साथ धोखा माना। बुधवार को प्रदेश नेतृत्व ने ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल समेत सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर पूरी ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया। लेकिन कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद, इन सभी पार्षदों ने भाजपा का झंडा थाम लिया।
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख नाम: प्रदीप नाना पाटील, दर्शना उमेश पाटील, अर्चना चरण पाटील, हर्षदा पंकज पाटील, तेजस्विनी मिलिंद पाटील, विपुल प्रदीप पाटील, मनीष म्हात्रे, धनलक्ष्मी जयशंकर, संजवणी राहुल देवडे, दिनेश गायकवाड, किरण बद्रीनाथ राठोड और कबीर नरेश गायकवाड।
फडणवीस की सख्ती, AIMIM और कांग्रेस से गठबंधन मंजूर नहीं
भले ही भाजपा को अंबरनाथ में पार्षदों का साथ मिला हो, लेकिन पार्टी आलाकमान इस ‘बेमेल’ गठबंधन से खुश नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त लहजे में कहा कि कांग्रेस या AIMIM के साथ बिना अनुमति के किया गया कोई भी गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। अकोट नगर परिषद में AIMIM के साथ हाथ मिलाने पर भाजपा विधायक प्रकाश भरसखाले को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
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