पंचायत सहायकों का मानदेय रोकने पर कुशीनगर में बड़ा एक्शन, 15 ग्राम प्रधानों को नोटिस, ADO का वेतन रुका
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले में पंचायत सहायकों का मानदेय 8 महीने से लेकर 27 महीने तक रोके जाने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुए, 15 ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, साथ ही 15 ग्राम पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) का सितंबर का वेतन रोक दिया गया है।
निर्देशों के बावजूद नहीं हुआ भुगतान, बिगड़ा मामला
दरअसल, कई महीनों से मानदेय रोके जाने की सूचना मिलने के बाद, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने संबंधित सचिवों और एडीओ (पंचायत) का सितंबर का वेतन बाधित करते हुए उन्हें तत्काल मानदेय भुगतान करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, पंचायत सहायकों को उनका बकाया मानदेय नहीं दिया गया। जब बात जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर तक पहुंची, तो उन्होंने इस पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया।
कहां कितना मानदेय लंबित? (कुछ उदाहरण)
- मानदेय लंबित होने की अवधि अलग-अलग गाँवों में अलग-अलग है।
- तमकुही के ग्राम पंचायत तिरमा साहून में तो 27 माह का मानदेय बकाया है।
- गड़हिया पाठक में 20 माह से मानदेय नहीं मिला है।
- कप्तानगंज के हरपुर मझागर और तवक्कलपुर में 13-13 माह का मानदेय रुका है।
- इसके अलावा कई पंचायतों में 8 से 12 माह का मानदेय लंबित है।
प्रधानों को सख्त चेतावनी: ‘7 दिन में दें स्पष्टीकरण’
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सभी संबंधित ग्राम प्रधानों को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धाराओं के तहत नोटिस जारी किया है। DM ने साफ निर्देश दिया है कि सभी प्रधान 7 दिनों के अंदर लिखित स्पष्टीकरण डीपीआरओ कार्यालय में उपलब्ध कराएं। चेतावनी दी गई है कि स्पष्टीकरण प्राप्त न होने अथवा असन्तोषजनक पाए जाने पर ग्राम प्रधानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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