यूपी परिवहन विभाग में बड़ी कार्रवाई: रायबरेली और फतेहपुर के ARTO सस्पेंड; अवैध वसूली के सिंडिकेट का भंडाफोड़
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत परिवहन विभाग (RTO) पर कड़ा प्रहार किया है। शासन ने रायबरेली के एआरटीओ (प्रवर्तन) अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ (प्रवर्तन) पुष्पांजलि मित्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर ओवरलोडिंग को संरक्षण देने और अवैध वसूली का सिंडिकेट चलाने के गंभीर आरोप हैं।
एसटीएफ (STF) की जांच में खुला ‘एंट्री सिस्टम’ का खेल
इस बड़ी कार्रवाई की पटकथा यूपी एसटीएफ द्वारा रायबरेली और फतेहपुर में की गई छापेमारी के बाद लिखी गई। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
ओवरलोड ट्रकों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए प्रति ट्रक 5,000 रुपये की ‘एंट्री फीस’ वसूली जा रही थी। एसटीएफ को जांच के दौरान 114 ट्रकों की एक सूची मिली, जिनसे अधिकारियों और बिचौलियों का यह सिंडिकेट नियमित रूप से वसूली कर रहा था। ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना लगाने के बजाय, अधिकारी अपनी जेबें भर रहे थे, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा था।
सुरक्षा और सड़कों से खिलवाड़
निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया कि अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर अवैध कमाई को प्राथमिकता दी। ओवरलोड ट्रकों के कारण न केवल प्रदेश की सड़कें समय से पहले जर्जर हो रही थीं, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ रहा था।
विभाग में हड़कंप, और भी गिरेंगी गाज
दो बड़े अधिकारियों के निलंबन के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसटीएफ अब इस मामले में शामिल बिचौलियों, निजी गुर्गों और विभाग के छोटे कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां और विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
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