कुशीनगर में बिना पंजीकरण वाले अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, इन आशा बहुओं को भी हटाने के निर्देश
पडरौना, कुशीनगर। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गुंजन द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनपद में बिना लाइसेंस के कोई भी अस्पताल संचालित नहीं होना चाहिए, और ऐसे चिह्नित अस्पतालों को अंतिम नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अपंजीकृत अस्पतालों पर शिकंजा
सीडीओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जनपद में संचालित लगभग 225 अपंजीकृत अस्पतालों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया कि इन सभी को अंतिम मौका देते हुए नोटिस जारी किया जाए और इसके बाद भी पंजीकरण न कराने पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
निष्क्रिय आशा बहुओं को हटाने का निर्देश
बैठक में आशा कार्यकत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने उनके कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी एमओआईसी (चिकित्सा अधिकारी इंचार्ज) को निर्देश दिया कि जो आशा बहुएं अपने कार्यों में निष्क्रिय पाई गई हैं, उन्हें अंतिम नोटिस देने के बाद कार्यमुक्त किया जाए।
अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा
सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, जैसे संस्थागत प्रसव, गर्भवती माताओं की जांच, बच्चों के टीकाकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु रिपोर्टिंग और जन्म पंजीकरण आदि की गहन समीक्षा की।
टीकाकरण: सभी एमओआईसी को सत्रों का निरंतर निरीक्षण करने और जिन क्षेत्रों में बच्चे टीकाकरण से छूट गए हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म: ई-संजीवनी, ई-कवच, मंत्रा पोर्टल पर फीडिंग और आधार प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सुधार लाने को कहा गया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
प्रस्तावों का अनुमोदन: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को निःशुल्क भोजन प्रदान करने के लिए एजेंसी के चयन और आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती के लिए पोर्टल के माध्यम से एजेंसी के चयन संबंधी प्रस्तावों का अनुमोदन भी किया गया।
बैठक में आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड बनाए जाने, संस्थागत प्रसव में सुधार, पीएचसी/सीएचसी पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सीय भवनों को उपकरणों से लैस करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंद्र प्रकाश, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज आर के शाही, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एडिशनल सीएमओ, डीसी मनरेगा राकेश, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, समस्त एमओआईसी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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