सोनभद्र खदान हादसे में बड़ा एक्शन, माइंस मैनेजर समेत चार गिरफ्तार, 7 मजदूरों की हुई थी मौत

Sandesh Wahak Digital Desk: सोनभद्र जिले के बिल्ली मारकुंडी में हुए दर्दनाक खदान हादसे में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। 15 नवंबर को मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में पहाड़ी धंसने से सात मजदूरों की मौत के मामले में, एसआईटी ने शुक्रवार को माइंस मैनेजर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी और लापरवाही का खुलासा

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सीओ ओबरा हर्ष पांडेय के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम ने अपनी जांच के दौरान चार और आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी पद निवास/पहचान
अनिल कुमार झा माइंस मैनेजर दरभंगा, बिहार (वर्तमान में रांची, झारखंड)
अजय कुमार माइंस मेठ बिल्ली पोखरा के पास, ओबरा
चंद्रशेखर माइंस मेठ अग्रवाल नगर कॉलोनी, ओबरा
गौरव सिंह माइंस मेठ वीआईपी रोड, ओबरा

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि खदान में ड्रिलिंग और विस्फोटक मानकों में हो रही अनियमितताओं की सूचना खान सुरक्षा निदेशक को नहीं दी गई थी। आरोपियों ने बताया कि मालिक और ठेकेदारों के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा का पालन किए बिना ही उनसे कार्य लिया जा रहा था। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि एसआईटी जांच में पाया गया कि मानक से अधिक ड्रिलिंग किए जाने के कारण खदान की संरचना कमजोर हो गई थी, जिसके बावजूद लगातार ड्रिलिंग से पत्थर का विशाल हिस्सा ढह गया।

मालिक और नामजद आरोपियों की तलाश जारी

16 नवंबर को ओबरा पुलिस ने अज्ञात मालिक, घोरावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एसआईटी अब इन नामजद दो आरोपियों और खदान के अज्ञात मालिक की तलाश में जुटी हुई है।

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