Balrampur News: कनाहरा गौशाला में बड़ा भ्रष्टाचार, 210 गायों के चारे में लाखों का गबन
CM योगी के आदेशों की उड़ी धज्जियां, 2 क्विंटल की जगह सिर्फ 25 किलो अनाज मिल रहा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तमाम सख्ती के बावजूद, बलरामपुर जनपद के विकासखंड तुलसीपुर की ग्राम पंचायत कनाहरा की गौशाला में भ्रष्टाचार का एक शर्मनाक मामला सामने आया है।
आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत से गौशाला के चारे-दाने में लाखों रुपये का गबन किया जा रहा है, जिसका सीधा खामियाजा वहां मौजूद करीब 210 गायों को भुगतना पड़ रहा है।
210 गायों को सिर्फ 25 किलो अनाज
गौशाला के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक गाय के रखरखाव के लिए धनराशि दी जाती है। नियम के अनुसार, 210 गायों के लिए प्रतिदिन लगभग 2 क्विंटल 10 किलो (210 किलो) पशु आहार, दाना या अनाज मिलना चाहिए। हालांकि, मौके पर की गई रियलिटी चेक में पता चला कि गायों को प्रतिदिन सिर्फ 25 किलो अनाज ही दिया जा रहा है। यानी 1 क्विंटल 85 किलो अनाज और अन्य संसाधन कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं।
पानी और गुड़ की भी कमी
गौशाला में सिर्फ चारे का ही नहीं, बल्कि पानी और पोषण का भी संकट है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे गायों को प्यास बुझाने में दिक्कत आ रही है। पोषण के लिए जरूरी गुड़ भी मुश्किल से मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दो-तीन महीने में केवल 30-32 किलो गुड़ मंगाकर खानापूर्ति की जाती है, जबकि महीनों तक इसकी सप्लाई नहीं होती। इस गंभीर लापरवाही के चलते गायों की सेहत लगातार गिर रही है।
प्रधान-सचिव पर गबन का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर प्रधान और सचिव पर लाखों रुपये के गबन का सीधा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से अपनी निजी संपत्ति बनाई जा रही है। गौशाला के केयरटेकर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि गायों के लिए निर्धारित अधिकांश अनाज और गुड़ हड़प लिया जाता है। ग्राम प्रधान ने इस मामले में गोलमोल जवाब दिया, जबकि पंचायत सचिव श्यामलाल ने फोन रिसीव नहीं किया।
BDO ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
पूरे मामले पर खंड विकास अधिकारी (BDO) सुनील कुमार आर्य ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि शिकायत गंभीर है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। BDO ने भरोसा दिलाया है कि प्राथमिक जांच के बाद जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और गौशाला में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि सैकड़ों गायों की जान बचाई जा सके।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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