लखनऊ यूनिवर्सिटी में बड़ा फर्जीवाड़ा: कर्मचारी की मौत के 6 साल बाद तक पेंशन लेता रहा परिवार, ऐसे खुला राज
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ यूनिवर्सिटी से जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां एक कर्मचारी की मौत के बाद भी उसका परिवार सालों तक सिस्टम की आंखों में धूल झोंकता रहा और सरकारी खजाने से पैसे निकालता रहा।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग में तैनात रहे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौत के बाद उनके परिजनों ने जो खेल खेला, उसने विभाग के सुरक्षा तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुत्तीलाल नाम के कर्मचारी की मौत साल 2017 में हो गई थी, लेकिन उनके बेटे और पोतों ने जालसाजी कर साल 2023 तक उनकी पेंशन जारी रखी। अब कोर्ट के आदेश पर कैसरबाग थाने में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रिश्तेदार को बनाया ‘फर्जी पुत्तीलाल’
इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा के मुताबिक, यह धोखाधड़ी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पुत्तीलाल 2002 में रिटायर हुए थे और दिसंबर 2017 में उनका निधन हो गया। पिता की मौत के बाद उनके बेटे राम बहादुर और पोतों (अभिषेक, विवेक और विशाल) ने पेंशन बंद कराने के बजाय उन्हें कागजों पर जिंदा रखा।
हैरानी की बात तो यह है कि उन्होंने विभाग को यकीन दिलाने के लिए अपने एक रिश्तेदार ‘चुन्नीलाल’ को पुत्तीलाल बनाकर खड़ा कर दिया। वे चुन्नीलाल का अंगूठा लगवाकर लगातार 6 सालों तक पेंशन की रकम डकारते रहे।
भतीजे ने खोली अपनों की पोल
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मृतक के भतीजे आयुष ने इसकी शिकायत की। आयुष को जब अपने भाइयों और चाचा की इस करतूत का पता चला, तो उन्होंने यूनिवर्सिटी में शपथ पत्र देकर सच्चाई उजागर कर दी। जांच हुई तो विभाग के होश उड़ गए क्योंकि जिस कर्मचारी को वे सालों से पेंशन दे रहे थे, उसकी मौत तो बरसों पहले हो चुकी थी।
फिलहाल, पुलिस ने आयुष की तहरीर पर राम बहादुर और उनके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि इस फर्जीवाड़े में क्या यूनिवर्सिटी के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत थी या परिवार ने अकेले ही विभाग को इतने सालों तक गुमराह किया।
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