मलेशियाई पूर्व पीएम नजीब रजाक फिर दोषी करार, अरबों डॉलर के घोटाले में कोर्ट का आया फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को शुक्रवार को एक बार फिर तगड़ा कानूनी झटका लगा। देश की हाई कोर्ट ने 72 वर्षीय रजाक को 1MDB (1Malaysia Development Berhad) राज्य निवेश कोष की लूट से जुड़े भ्रष्टाचार के मुकदमे में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें पद के दुरुपयोग के तीन गंभीर आरोपों में अपराधी पाया है।
अधिकारियों और जांच एजेंसियों के मुताबिक, नजीब रजाक ने प्रधानमंत्री रहते हुए 1MDB फंड से 700 मिलियन डॉलर (करीब 5800 करोड़ रुपये) से अधिक की राशि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। अमेरिकी न्याय विभाग का दावा है कि 2009 से 2014 के बीच नजीब और उनके करीबियों ने फंड से 4.5 अरब डॉलर से ज्यादा की लूट की। इस पैसे का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्मों को फाइनेंस करने, प्राइवेट यॉट, महंगी पेंटिंग्स और करोड़ों के गहने खरीदने में किया गया। अमेरिका ने इसे दुनिया की सबसे खराब क्लेप्टोक्रेसी (चोरों का शासन) करार दिया था।
पहले से ही जेल काट रहे हैं रजाक
नजीब रजाक मलेशिया के पहले ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिन्हें जेल भेजा गया है। साल 2020 में उन्हें 12 साल की सजा सुनाई गई थी। अगस्त 2022 में अंतिम अपील हारने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि, 2024 में उनकी सजा को आधा कर दिया गया था, लेकिन ताज़ा फैसले ने उनकी रिहाई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
नजीब की मुश्किलें सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं। उनकी पत्नी रोसमा मंसोर को भी 2022 में भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं, लेकिन नजीब के लिए जेल से बाहर आने की राह अब और लंबी और कठिन हो गई है। उनके वकीलों ने संकेत दिए हैं कि वे इस फैसले को भी ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।

