ममता बनर्जी ने जारी किया घोषणा पत्र, युवाओं को नौकरी मिलने तक भत्ता और बुजुर्गों को घर बैठे इलाज का वादा
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही सूबे की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र में टीएमसी ने राज्य के हर वर्ग, खासकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को लुभाने वाली योजनाओं पर खास जोर दिया है।
घोषणापत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि महिलाओं के स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही उनकी महत्वाकांक्षी योजना, लक्ष्मी भंडार, आगे भी जारी रहेगी और महिलाओं के खातों में पैसे आते रहेंगे। इसके साथ ही, युवाओं को साधने के लिए उन्होंने वादा किया है कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती, तब तक सरकार उन्हें भत्ता देगी। बुजुर्गों का ख्याल रखते हुए ममता ने आश्वासन दिया कि अब उन्हें इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सरकार उनके घर तक ट्रीटमेंट पहुंचाने की व्यवस्था करेगी।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
इस मौके पर ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से बीजेपी केंद्र की सत्ता में आई है, वह बंगाल के खिलाफ साजिश कर रही है। ममता ने कहा, बीजेपी इस बार किसी भी तरह बंगाल की सत्ता में आना चाहती है। वे बंगाल को तोड़ना चाहते हैं। उनकी साजिश बिहार का एक हिस्सा लेकर एक अलग राज्य बनाने की भी है। लेकिन बीजेपी भविष्य में सत्ता में नहीं आएगी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, देश में सिर्फ दो ही लोग काम कर रहे हैं, एक प्रधानमंत्री और दूसरे गृह मंत्री। उन्होंने देश को बांटने का काम किया है और लगातार साजिशें रच रहे हैं।
चुनाव आयोग और केंद्र पर गंभीर आरोप
नवरात्रि और रमजान की शुभकामनाएं देते हुए ममता बनर्जी ने बंगाल की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अगर राज्य में कुछ भी गलत होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर बीजेपी सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खडेर किए। ममता ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन बीजेपी से बाहर का नहीं है। सारे अफसरों को हटाया जा रहा है। एक तरह से राज्य में प्रेसिडेंट रूल (राष्ट्रपति शासन) लगा दिया गया है, भले ही वे बोल नहीं रहे हैं। बंगाल उनका टारगेट है क्योंकि वे नहीं चाहते कि बंगाल एक एकजुट राज्य बना रहे।
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