Azamgarh News: SSP के फर्जी दस्तखत और मुहर से चल रही थी ठगी, साइबर टीम ने आरोपी को किया गिरफ़्तार
Azamgarh News: आज़मगढ़ ज़िले में एक बार फिर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ज़िला जेल में 52 लाख की धोखाधड़ी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब ज़िले के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नाम से फ़र्ज़ी मुहर और दस्तख़त बनाकर ठगी करने का मामला सामने आया है।
इस फ़र्ज़ीवाड़े का ख़ुलासा तब हुआ, जब खुद एसएसपी डॉ. अनिल कुमार जनसुनवाई कर रहे थे। महानगर थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित गुलाबचंद ने उन्हें शिकायत दी कि उन्हें एक संदिग्ध पत्र मिला है।

फर्जी नोटिस और OTP से ठगी की कोशिश
पीड़ित गुलाबचंद ने बताया कि उन्हें प्राप्त पत्र में उनके दो भाइयों सुभाष चंद्र और सतीश चंद्र के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई थी। इस नोटिस के नीचे आजमगढ़ एसपी के फ़र्ज़ी हस्ताक्षर और मुहर थी, साथ ही मेंहनगर थाने की मुहर भी लगी थी और अंकित तिवारी का नाम लिखा था।
यही नहीं, प्रार्थी के मोबाइल नंबर पर 22,492 रुपये जमा करने के लिए OTP भेजने की बात भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मुक़दमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। साइबर और सर्विलांस टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए फ़िनो पेमेंट्स बैंक पहुँचकर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया। आरोपी के कब्ज़े से थाने की और पुलिस अधीक्षक की फ़र्ज़ी मुहर भी बरामद की गई है।
जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने इस मामले का ख़ुलासा करते हुए बताया कि गिरफ़्तार आरोपी प्रशांत सिंह ने पूछताछ में कबूल किया कि उसके गाँव के सुनील कश्यप और पीड़ित गुलाबचंद के बीच ज़मीनी विवाद चल रहा था। आरोपी इस विवाद में दोनों पक्षों को उलझाकर फ़ायदा उठाना चाहता था।
इसी रणनीति के तहत, आरोपी ने अपने लैपटॉप से गुलाबचंद के भाइयों के नाम पर फ़र्ज़ी नोटिस 41A जारी की, जिस पर फ़र्ज़ी मुहर और हस्ताक्षर बनाए। इसके बाद आरोपी ने पोस्ट ऑफ़िस जाकर यह पत्र पीड़ित को पोस्ट भी कर दिया।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी को पता था कि गुलाबचंद हर मामले में उससे सलाह लेते हैं। इसीलिए नोटिस मिलने के बाद पीड़ित सीधे आरोपी के पास गए। आरोपी ने 6 अक्टूबर को पीड़ित को पुलिस ऑफ़िस के बाहर खड़ा करके अंदर जाने का नाटक किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इस पूरी घटना को सोचे-समझे प्लान के तहत अंजाम दिया है।
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