फिरोजाबाद में पापड़ खाने से कई बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
Sandesh Wahak Digital Desk: फिरोजाबाद जनपद के टूंडला कोतवाली क्षेत्र के गांव मेहरी की ठार बदन सिंह में गुरुवार शाम को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पापड़ (चुर्री) खाने के बाद कई बच्चों की हालत गंभीर हो गई। बच्चों को लगातार उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और जलन की शिकायत होने लगी, जिससे परिजन परेशान हो गए।
बच्चों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया
बच्चों की बिगड़ती हालत देख परिजनों ने तुरंत 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई। सूचना मिलते ही अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से एक साथ छह एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। इन एंबुलेंस से बीमार बच्चों को तुरंत ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहाँ सभी बच्चों को भर्ती कर लिया गया और उनका इलाज शुरू किया गया।
फेरी वाले से खरीदी थी ‘चुर्री’
गांव के ही दयाशंकर शर्मा ने बताया कि गुरुवार शाम को फिरोजाबाद के दक्षिण क्षेत्र निवासी हिमांयूपुर का एक फेरी वाला गांव में ‘चुर्री’ (पापड़) बेचने आया था। बच्चों की जिद पर गांव के लोगों ने उन्हें चुर्री खरीदकर दे दी। यह चुर्री खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद ही बच्चों को पेट में दर्द, जलन और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। पहले तो लोगों ने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब एक के बाद एक चुर्री खाने वाले सभी बच्चों को यही समस्या हुई, तो पूरे गांव में खलबली मच गई। बच्चों को रोते और तड़पते देख कई माताओं की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद एंबुलेंस को फोन किया गया।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने भी भर्ती बच्चों की हालत का जायजा लिया है। पुलिस ने भी इस मामले में पूछताछ शुरू कर दी है। बीमार बच्चों में कुछ सगे और कुछ चचेरे भाई-बहन हैं। कुछ बच्चों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। बड़ी तादाद में बच्चों के बीमार होने की सूचना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट विनोद पांडे और उप जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
सभी खतरे से बाहर, उपचार जारी: सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि पापड़ खाने से बच्चों की तबीयत खराब हुई है। उन्होंने पुष्टि की कि एक दर्जन से ज़्यादा बच्चे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए हैं, जहाँ उनका विधिवत उपचार जारी है और वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कर लिया गया है और विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में उनका उपचार चल रहा है। सभी की हालत स्थिर है और वे जल्द ठीक हो जाएंगे।
जिन बच्चों को भर्ती कराया गया है, उनमें मायाराम के तीन बच्चे (11 वर्षीय देवेंद्र, 9 वर्षीय शालू और 6 वर्षीय गुंजन), अशोक कुमार की दो बेटियां (8 वर्षीय शिवानी, 6 वर्षीय वर्षा), राकेश का 8 वर्षीय बेटा वेद प्रकाश, प्रमोद के दो बच्चे (8 वर्षीय मुस्कान और 6 वर्षीय समोद), टीटू की 6 वर्षीय बेटी तमन्ना, दुर्गा प्रसाद की 7 वर्षीय बेटी वंदनी और रवि के दो बेटे (6 वर्षीय ओमवीर और 10 वर्षीय सूरज) शामिल हैं।
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