“माता प्रसाद पांडेय को न लग जाए शिवपाल यादव का श्राप”, CM योगी ने ली चुटकी

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM योगी) ने सदन को संबोधित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर चुटकी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता प्रसाद बहुत बुजुर्ग नेता हैं और वह चाहते हैं कि वह स्वस्थ रहें। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि उन्हें शिवपाल यादव का श्राप न लगे। उनके इस बयान को माता प्रसाद पांडेय के उस हमले के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने बटुकों के मामले को लेकर महापाप और श्राप का जिक्र किया था।

बजट और वित्तीय स्थिति पर चर्चा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM योगी) ने बजट को लेकर कहा कि 31 मार्च को नया बजट आने के बाद सभी विभाग अपनी कार्य योजना तैयार कर रहे हैं और उसे प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवपाल यादव की संगत में नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़ों में हेरफेर किया।

मुख्यमंत्री (CM योगी) ने कहा कि वर्ष 2016-2017 में राजकोषीय घाटा चार प्रतिशत से अधिक था, जबकि अब यह दो प्रतिशत से कुछ अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्ज को घटाकर 23 प्रतिशत तक लाया जाएगा, जो वर्तमान में 27 प्रतिशत है।

विकास का रोडमैप और आर्थिक दावे

मुख्यमंत्री (CM योगी) ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकारी आय 43000 थी, जो अब एक लाख के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पहले सबसे नीचे के राज्यों में शुमार होता था, लेकिन अब वह टॉप थ्री में शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारत तब विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे, राज्य तब विकसित होगा जब जिले विकसित होंगे और जिले तब विकसित होंगे जब गांव विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2026-27 तक राज्य की जीडीपी 40 लाख करोड़ के पार पहुंचाई जाएगी।

शिवपाल यादव पर कसा तंज

वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री (CM योगी) ने कहा कि सपा ने उत्तर प्रदेश को इतना बदनाम कर दिया था कि अन्य राज्यों में लोगों को होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है और यही कारण है कि राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री (CM योगी) ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय सच्चे समाजवादी हैं और उन्हें समाजवादी विचारधारा के साथ चलना चाहिए। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अलग बात है कि उनके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। सदन में उनके इस बयान को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई।

 

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