Mathura News: 13 हुई यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे में मरने वालों की संख्या, 66 घायल
Mathura News: मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार तड़के घने कोहरे के कारण भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र के माइलस्टोन 127 पर 8 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में आग लग गई। हादसे में अब तक 13 लोगों की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बसों के अंदर से कटे हुए अंग मिले हैं।
हादसे के बाद वाहनों में लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के तुरंत बाद तेज धमाका हुआ, मानो बम फट गया हो। हादसे के बाद बसों में आग लग गई और यात्रियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ लोग जान बचाने के लिए बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूदे, लेकिन कुछ ही देर में बसें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी भयानक थी कि कई शव बुरी तरह जल गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। 9 थानों की पुलिस और करीब 50 जवानों ने मिलकर लगभग 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था, जिसे बाद में हटाया गया।

कटे अंग मिले, DNA टेस्ट से होगी पहचान
हादसे में घायल 66 लोगों को 20 एम्बुलेंस के जरिए मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल मरीजों को आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है।
पुलिस को बसों के अंदर से जले हुए शवों के टुकड़े और कटे अंग मिले हैं। इन्हें 17 पॉलिथीन बैग में भरकर मोर्चरी लाया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा बल्लभ ने बताया कि शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। डॉक्टरों के अनुसार आग लगने की वजह से एक बैग में एक से ज्यादा शवों के अवशेष भी हो सकते हैं।

सिर्फ तीन मृतकों की हुई पहचान
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की जांच में 13 डेडबॉडी होने की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें आजमगढ़ निवासी रामपाल, गोंडा निवासी सुल्तान और प्रयागराज के मुद्दीनपुर, थाना सराय ममरेज निवासी अखिलेंद्र शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी।
कोहरे में अचानक ब्रेक लगने से हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच के अनुसार एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा छाया हुआ था। माइलस्टोन 127 पर स्लीपर बस के सामने अचानक धुंध बढ़ गई, जिससे चालक ने ब्रेक लगाकर गति कम की। इसी दौरान पीछे से आ रही अन्य बसें और कारें एक के बाद एक टकराती चली गईं। टक्कर के बाद एक एसी बस में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, ADM करेंगे जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। ADM प्रशासन अमरेश इस जांच का नेतृत्व करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसों की व्यवस्था की। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम चरण पूरे कर लिए गए हैं।
Also Read: दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का कहर, गंभीर स्तर पर AQI

