Mathura News: नौहझील प्राइमरी स्कूल का हेडमास्टर सस्पेंड, जबरन नमाज पढ़वाने और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाने के आरोप
Mathura News: मथुरा के एक सरकारी स्कूल से विवादित मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के हेडमास्टर बच्चों से जबरन नमाज पढ़वाते थे और उनका ब्रेनवॉश करते थे। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है।
ब्रेनवॉश और धर्म विशेष का दबाव बनाने का आरोप
आरोप है कि हेडमास्टर बच्चों को इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बनाते थे। बताया गया है कि वह इस्लाम धर्म को बाकी धर्मों से बेहतर बताते थे। साथ ही देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बोलते थे और बच्चों को राष्ट्रगान गाने पर डांटते थे।
भाजपा नेता की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस मामले में भाजपा नेता की शिकायत के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की। शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने जांच कराई और शुरुआती जांच में हेडमास्टर पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया। मामले में आगे की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
यह पूरा मामला मांटा थाना क्षेत्र के नौहझील प्राइमरी स्कूल का बताया जा रहा है। भाजपा नेता का कहना है कि बच्चों के पैरेंट्स ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने 30 जनवरी को बीएसए से शिकायत की थी। शिकायत के दो दिन बाद हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई।
“इस्लाम अपनाने के लिए किया जाता था मोटिवेट”
भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने कहा कि स्कूल में हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं और हिंदू बच्चों की संख्या ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेडमास्टर जान मोहम्मद हिंदू धर्म को नीचा दिखाते थे और देवी-देवताओं का अपमान करते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से तब्लीगी जमात के लोगों को बुलाया जाता था और बच्चों को इस्लाम धर्म की शिक्षा दी जाती थी।
भाजपा नेता के अनुसार बच्चों ने अपने पैरेंट्स को इस घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद परेशान पैरेंट्स ने भाजपा नेता से संपर्क किया और मामले की शिकायत करने को कहा। इसके बाद बीएसए से जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
शुरुआती जांच में सही पाए गए आरोप
बीएसए रतन कीर्ति ने बताया कि स्कूल में बच्चों से नमाज पढ़वाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई। प्रथम दृष्टया हेडमास्टर को दोषी पाया गया। उन्हें सस्पेंड कर प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट में अटैच किया गया है। बीईओ छाता और मांट को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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