Mathura News: शिक्षा विभाग में निलंबन और बहाली पर उठे सवाल, पारदर्शिता पर मचा बवाल

Mathura News: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की कार्यशैली फिर से विवादों में है। हाल ही में एक शिक्षक के निलंबन और कुछ ही दिनों बाद बहाली ने शिक्षा विभाग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, जनपद के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पुनेंद्र कुमार को 12 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था।

आदेश विभागीय पोर्टल पर अपलोड

निलंबन का कारण खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की शिकायत और जांच रिपोर्ट बताया गया। लेकिन 6 दिन बाद, 18 सितंबर को उसी शिक्षक को बहाल कर दिया गया। आरोप है कि निलंबन संबंधी आदेश विभागीय पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किया गया, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि पूरी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से निपटाई गई। शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अभिभावक पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी और बिना विस्तृत जांच के बहाली कैसे संभव हुई।

शिक्षा जगत से जुड़े लोग कह रहे हैं कि यह पहला मामला नहीं है। कई बार निलंबन केवल दिखावे के लिए किया जाता है और कुछ समय बाद “समझौते” के तहत बहाली कर दी जाती है। इससे ईमानदार शिक्षकों में भी असंतोष बढ़ रहा है।

निजी विद्यालयों पर गंभीर आरोप

वहीं, शहर के कई निजी विद्यालयों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इन स्कूलों में शिक्षक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद बीएसए कार्यालय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभिभावक सवाल कर रहे हैं कि जहां छोटे मामलों में शिक्षक को निलंबित किया जाता है, वहीं बड़े संस्थानों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।

शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल अब जनचर्चा का विषय बन गए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि निलंबन और बहाली की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए और निजी विद्यालयों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

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