मथुरा: सांसद हेमा मालिनी के आवास जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, हुई तीखी नोकझोंक

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय किसान यूनियन (सुनील) के बैनर तले अपनी जमीन और उचित मुआवज़े की मांग को लेकर मथुरा में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना आज 134वें दिन में प्रवेश कर गया है। शनिवार को किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच उस वक्त तनाव पैदा हो गया, जब किसानों को सांसद हेमा मालिनी के आवास की ओर जाने से रोक दिया गया।

सांसद आवास की ओर कूच

बड़ी संख्या में किसान अपनी समस्याओं को सीधे सांसद हेमा मालिनी तक पहुंचाने के लिए उनके वृंदावन स्थित आवास की ओर शांतिपूर्ण ढंग से जा रहे थे, ताकि सांसद संसद में उनकी आवाज़ उठा सकें। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद बहस शुरू हो गई। किसानों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती पीछे धकेला, जिससे पुलिस और किसानों के बीच तीखी खींचातानी और धक्का-मुक्की हुई। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की बात कही।

जमीन और मुआवज़े का विवाद

किसान लगातार रेल विभाग और जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उनकी जमीन से संबंधित समस्याओं और उचित मुआवज़े के विवादों का जल्द समाधान किया जाए।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमीन, मुआवज़ा और रेलवे विभाग से जुड़े विवादों का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी बड़ा होगा और वे प्रदेश स्तर पर वृहद प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर केवल बातचीत के नाम पर आश्वासन देने, लेकिन ज़मीन पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। यह किसानों का संघर्ष अब जनपद का एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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