Budget Session 2026: मायावती का सरकार पर बड़ा प्रहार, राज्यपाल के अभिभाषण को बताया ‘औपचारिक’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर सियासी हलचल तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार के ‘रिपोर्ट कार्ड’ को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल एक औपचारिक रस्म बताया है।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया। जहां एक ओर सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं, वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस अभिभाषण को जनसमस्याओं से दूर बताया। मायावती ने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज माननीया राज्यपाल द्वारा विधानमण्डल के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधन की संसदीय परम्परा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परम्परा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।…
— Mayawati (@Mayawati) February 9, 2026
भाषण में विकास का दावा, पर जनता परेशान
मायावती ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण परंपरागत और महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे।
मायावती के अनुसार, अभिभाषण में महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी जैसे उन बुनियादी सवालों पर कोई स्पष्टता नहीं दिखी, जिनसे प्रदेश के करोड़ों लोग जूझ रहे हैं।
बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को लेकर जनता में चिंता बनी हुई है। लोग अपने जान-माल और धार्मिक सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं, जिस पर सरकार ने कोई ठोस भरोसा नहीं दिलाया।
उनका आरोप है कि सरकार ने अपनी पुरानी घोषणाओं और वादों की प्रगति का कोई ठोस डेटा पेश नहीं किया, जिससे आम जनता में निराशा है।
विपक्ष का हंगामा और बजट से उम्मीदें
राज्यपाल के संबोधन के दौरान सदन में विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा भी किया। मायावती ने उम्मीद जताई कि आगामी बजट सत्र में सरकार इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देगी, ताकि केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि धरातल पर भी जनता को राहत और सुरक्षा का अहसास हो सके।
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