Lucknow News: महापौर का सख्त निर्देश, जनता की शिकायतों पर तुरंत हो एक्शन
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में पेयजल और सीवर की समस्याओं को लेकर गुरुवार को ऐशबाग स्थित जलकल मुख्यालय में एक बड़ी बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता की समस्याओं के समाधान में अब कल की कोई जगह नहीं होगी।
मेयर ने शहर में टूटे हुए सीवर ढक्कनों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंताओं (EE) को निर्देश दिए कि वे दफ्तर में बैठने के बजाय अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा करें। जहाँ भी सीवर का ढक्कन टूटा या गायब मिले, उसे तुरंत बदला जाए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। सीवर लीकेज की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए ताकि गंदगी और जलभराव से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

अनुमति का इंतजार न करें, जिम्मेदारी निभाएं
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने एक बहुत ही व्यावहारिक बात कही। उन्होंने अधिकारियों को खुली छूट देते हुए कहा कि पाइपलाइन लीकेज या सीवर मरम्मत जैसे गंभीर मुद्दों पर उन्हें मुख्यालय या किसी बड़े अधिकारी की अनुमति (Approval) का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ऐसे कामों के लिए आप अपने विवेक का इस्तेमाल करें और तुरंत समाधान निकालें ताकि जनता को असुविधा न हो।
बैठक में सबमर्सिबल पंपों और सार्वजनिक नलों से हो रही पानी की बर्बादी पर भी चर्चा हुई। मेयर ने स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी पाइपलाइन लीकेज है, तो उसे तत्काल ठीक किया जाए। सबमर्सिबल पंपों के पास यदि नल खराब हैं या पानी बह रहा है, तो उन्हें फौरन बदला जाए। जल संरक्षण को बढ़ावा देना विभाग की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम में जो भी शिकायत आती है, उसे महज डायरी में नोट न किया जाए, बल्कि उसके निस्तारण (Solve) होने तक उसका फॉलो-अप लिया जाए। बैठक में महापौर के साथ पार्षद अजय दीक्षित, जलकल जीएम कुलदीप सिंह और विभाग के कई इंजीनियर मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की और आश्वासन दिया कि वे मेयर के निर्देशों का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर सुधार लाएंगे।
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