नीला ड्रम कांड में मुस्कान-साहिल को फांसी, सौरभ राजपूत हत्याकांड में आया बड़ा फैसला
Meerut Blue Drum Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सौरभ के परिवार ने दोनों आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी।
बुधवार को मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। जज ने दोनों से अलग-अलग पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं। साहिल ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, जबकि मुस्कान ने भी अपनी ओर से कोई बात नहीं रखी।
सजा के ऐलान के समय अदालत में मौजूद रहा सौरभ का परिवार
फैसले के वक्त सौरभ की मां, मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद थे। सुबह से ही परिवार के लोग मीडिया से बातचीत में मुस्कान और साहिल को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे थे।
सजा सुनाए जाने से पहले सौरभ की मां ने कहा कि बेटे की हत्या के बाद परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर कोशिश की। उन्होंने इस लड़ाई में साथ देने वाले प्रशासन और अन्य लोगों का आभार जताया।
सौरभ की मां ने कहा कि गवाहियों और दूसरे सबूतों के आधार पर परिवार को पूरी उम्मीद है कि मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा मिलेगी। परिवार लगातार इस मामले में न्याय की मांग कर रहा था।
जेल में बड़ी बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान, लिखी चिट्ठी
मुस्कान अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित बताई जा रही है। वह जेल प्रशासन से अपनी बड़ी बेटी पीहू से मुलाकात कराने और फोन पर बात करवाने की मांग कर रही है।
हालांकि, जेल प्रशासन का कहना है कि उसके पास मुस्कान की बड़ी बेटी का मोबाइल नंबर या पता उपलब्ध नहीं है। फिलहाल मुस्कान को बेटी के नाम चिट्ठी लिखने के लिए जरूरी सामान दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान ने अपनी बड़ी बेटी पीहू के लिए चिट्ठी भी लिखी है।
खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर की हत्या, ड्रम में छिपाया शव
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में 3 मार्च 2025 की रात सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी। मामले के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। मुस्कान ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर सौरभ को बेहोश किया। इसके बाद उसके सीने में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से जमा दिया गया। वारदात के बाद 4 मार्च को मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश फरार हो गए थे। दोनों को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ।
मामले की सुनवाई मेरठ की जिला जज अदालत में हुई। 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था। अब अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।
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