Meerut News: मोबाइल टावर की बैट्री और डीजल चुराने वाले गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार, STF ने की कार्रवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मोबाइल टावरों से बैट्री और डीजल चुराकर टावर कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचाने वाले एक सक्रिय गैंग का भंडाफोड़ किया है। STF ने 25 सितंबर 2025 को मेरठ से गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को चोरी की गई भारी मात्रा में बैट्री के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी
गिरफ्तारी मेरठ के थाना इंचौली प्रांगण में 25 सितंबर की रात 12:50 बजे हुई। STF ने मुखबिर की सूचना पर लोडर को रोककर तलाशी ली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त:
- अंकेश (पुत्र कुबेरदत्त, निवासी बड़ौत, बागपत)
- विवेक (पुत्र सोहनवीर सिंह, निवासी भगवानपुर दोघट, बागपत)
- ओमपाल सिंह (पुत्र राजकुमार, निवासी बुढाना, मुजफ्फरनगर)
बरामद माल
- 11 लीथियम बैट्री (विभिन्न कंपनियों की)
- 34 लीथियम ओपन सेल
- 136 वरला लेड सेल (600 AH)
- 08 ट्यूबलर बैट्री (विभिन्न कंपनियों की)
- घटना में प्रयुक्त 01 लोडर (UP 17 AT 7014)
- ₹6,750/- नकद, मोबाइल फोन, डीएल, आधार कार्ड, वोटर आईडी और कंपनी के आईडी कार्ड।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे मोबाइल टावर टेक्नीशियन के काम की आड़ में इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे। उनके खुलासे चौंकाने वाले हैं। ये लोग कंपनी द्वारा मिलने वाले डीजल ईंधन का लगभग 50% चोरी करके बाजार में बेच देते थे। ये गैंग अन्य टेक्नीशियनों से प्रतिमाह तीन से चार हजार रुपये जबरन वसूलता था। जो विरोध करता था, उसे साजिश के तहत कंपनी से नौकरी से निकलवा दिया जाता था।
उन्होंने बताया कि बैट्री का इंतजाम कंपनी BM4 के मैनेजर लोकेश करवाते थे। चोरी की गई बैट्री और कबाड़ बाजार से खरीदी गई उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से निकली बैट्री को मानकों के विपरीत जोड़कर इस्तेमाल किया जाता था, जिससे बैट्री बैकअप कुछ घंटे ही चल पाता था।
मानकों के विपरीत बैट्रियों को जोड़ने से शॉर्ट सर्किट और बैट्री ब्लास्ट होने का गंभीर खतरा बना रहता था, जिसे पैसे के लालच में अनदेखा किया जाता था।
STF फील्ड इकाई, आगरा के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना इंचौली में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
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