सोनू कश्यप हत्याकांड: मेरठ में पुलिस का घेरा तोड़कर कश्यप समाज ने की पंचायत, सपा एमएलसी को पुलिस ने बीच रास्ते रोका
Meerut News: सोनू कश्यप की हत्या के मामले को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। शुक्रवार को इंसाफ की मांग कर रहे कश्यप समाज और सर्व समाज चेतना मंच के कार्यकर्ताओं ने मेरठ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने भारी सुरक्षा घेरा बनाकर इन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू होने के बावजूद कमिश्नरी पार्क पहुँच गई और जमकर हंगामा किया।
शामली से समाजवादी पार्टी के एमएलसी किरण पाल सिंह कश्यप के नेतृत्व में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला मेरठ की ओर रवाना हुआ था। जैसे ही काफिला सरधना फ्लाईओवर के पास पहुंचा, सीओ संतोष राय और कंकरखेड़ा पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। रोके जाने से नाराज एमएलसी अपनी गाड़ी से उतरे और समर्थकों के साथ हाईवे के बीचों-बीच धरने पर बैठ गए। इसके बाद शामली-मेरठ रोड पर मीलों लंबा जाम लग गया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सबको बस में बैठाकर परतापुर थाने भेज दिया।
पुलिस का घेरा तोड़कर पार्क में घुसे कार्यकर्ता
मेरठ शहर के भीतर भी माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस प्रशासन पंचायत रोकने में नाकाम रहा और कश्यप समाज के लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर कमिश्नरी पार्क के भीतर घुस आए। सोनू की बहन भी पंचायत में मौजूद रही और रोते हुए अपने भाई के लिए न्याय की गुहार लगाई। एडीएम सिटी और एसपी सिटी को सौंपे गए ज्ञापन में चार मुख्य मांगें रखी गईं।
मामले की सीबीआई (CBI) जांच।
परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा।
एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
खेती के लिए जमीन का पट्टा।
60 लोगों पर मुकदमा दर्ज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने कानूनी डंडा चलाया है। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भीड़ जुटाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सिविल लाइन थाने में 60 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, सरधना विधायक अतुल प्रधान और सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुज्जर ने थाने पहुँचकर हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिन्हें करीब 3 घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
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