जेपी फार्मेसी कॉलेज में गूंजा संदेश, फार्मासिस्ट ‘स्वास्थ्य की सफलता की आधारशिला’, निभाएं नैतिक जिम्मेदारी

कुशीनगर: विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर, कप्तानगंज स्थित जेपी फार्मेसी कॉलेज में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने मेडिकल साइंस में फार्मासिस्टों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया और उन्हें समाज के स्वास्थ्य की “महत्वपूर्ण कड़ी” बताया।

फार्मासिस्ट: स्वास्थ्य की सफलता की आधारशिला

राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य प्रेमचंद गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कहा कि फार्मासिस्टों के कंधों पर ही मेडिकल साइंस की सफलता आश्रित है। उन्होंने फार्मासिस्टों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा “किसी भी फार्मासिस्ट की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह डॉक्टर द्वारा सुझाई गई औषधि (दवा) को सही निर्देश और जानकारी के साथ मरीज तक पहुँचाए, ताकि उपचार सफल हो सके।”

नैतिकता और सुरक्षित चिकित्सा पर बल

विशिष्ट अतिथि डॉ. विश्वामित्र भट्ट ने राष्ट्र की स्वास्थ्य समृद्धि में फार्मासिस्टों के योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने फार्मासिस्टों को नैतिकता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। डॉ. भट्ट ने कहा कि नैतिकता ही उन्हें समाज को सुलभ और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगी। जेपी शिक्षण समूह के संरक्षक राम प्रसाद ने भी मेडिकल साइंस के क्षेत्र में फार्मासिस्ट के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधरोपण के साथ किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र

इस आयोजन में फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न थीम पर आधारित रंगोली बनाई गई थी, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रही। ये कलाकृतियाँ वैश्विक स्वास्थ्य (Global Health) के संदेश को प्रसारित कर रही थीं। इस अवसर पर विश्वंभर प्रसाद, डॉ. चंदन कुमार गौड़, रामदरस शर्मा, प्रेम नारायण पांडे, डॉ. आसिफ अंसारी, रोहित कुशवाहा, रामानंद यादव, पंचानन मिश्रा समेत कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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