मिर्जापुर: बोरे और उठान के अभाव में धान खरीद ठप, औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर किसान
हलिया (मिर्जापुर)। स्थानीय विकास खंड के साधन सहकारी समिति सिकटा महुगढ धान क्रय केंद्र पर पिछले तीन दिनों से धान की खरीद पूरी तरह से बाधित है। किसानों को बोरों की कमी और संबद्ध मिलों द्वारा तौल किए गए धान का उठान न होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गेहूं की बुआई के लिए पैसों की किल्लत
धान की खरीद रुकने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों को अब रबी की फसल गेहूं की बुआई करनी है, जिसके लिए उन्हें बीज, खाद, ट्रैक्टर की जुताई और मजदूरी के लिए तुरंत पैसों की आवश्यकता है। किसान लगातार क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केंद्र प्रभारी द्वारा बोरे का अभाव और धान का उठान न होने का हवाला देकर बैरंग वापस भेज दिया जा रहा है।
इस मजबूरी का फायदा उठाकर व्यापारी किसानों से उनकी धान ₹1800 प्रति क्विंटल के औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं, जबकि सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इससे अधिक है।
सांठगांठ का खेल
क्षेत्र में यह भी आरोप लग रहा है कि क्रय केंद्रों पर एक ‘खेल’ चल रहा है, जहाँ किसानों से ऑनलाइन किए गए कागजात लेकर खाते में पैसा देने की बात कहकर व्यापारियों को धान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी पवन कुमार गगवार से खरीद में आ रही इस बाधा को तत्काल दूर कराने की मांग की है।
जिम्मेदारों का बयान
सिकटा महुगढ केंद्र प्रभारी ने अपनी असमर्थता जताते हुए कहा कि केंद्र से चार मिलें संबद्ध हैं। जब तक मिलों द्वारा खरीद किए गए धान का उठान नहीं किया जाएगा और नए बोरे उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाएगी।
इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट / एसडीएम लालगंज महेंद्र सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि किसानों के धान खरीद में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी। संबद्ध मिलों को उठान करने और बोरा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि खरीद बाधित पाई गई, तो जांच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
रिपोर्ट: अशोक सिंह
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