देवहट हत्याकांड: कातिलों की तलाश में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, थाने का घेराव कर धरने पर बैठे परिजन

हलिया/मिर्जापुर: देवहट गांव के श्रमिक छोटकऊ कोल की संदिग्ध मौत और जंगल में शव दफनाने के मामले में अब पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक की पत्नी, बच्चों और सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को ड्रमंडगंज थाने का घेराव किया। आक्रोशित लोग करीब दो घंटे तक थाना परिसर में ही धरने पर बैठे रहे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

खेत की रखवाली करने गए थे, गड्ढे में दफन मिला शव

56 वर्षीय श्रमिक छोटकऊ कोल बीते 22 जनवरी की रात को घर से महज 300 मीटर दूर अपने खेत की रखवाली करने गए थे। जब वह वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। गायब होने के पांच दिन बाद, 27 जनवरी को उनका शव घर से तीन किलोमीटर दूर ‘सजहवा बाउली’ जंगल के एक गड्ढे में दफन मिला। शव की हालत देखकर साफ था कि उनकी हत्या कर पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान, पुलिस पर उठे सवाल

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की कनपटी और पसलियों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। बुधवार रात पुलिस की भारी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार तो कर दिया गया, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती की वजह से हत्यारे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे गांव में असुरक्षा का माहौल है।

बेटे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज

मृतक के पुत्र पिंटू उर्फ रविंद्र कुमार की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाने के घेराव के दौरान थानाध्यक्ष भारत सुमन ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिया कि, “पुलिस की टीमें घटना की गहराई से जांच कर रही हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।”

थानाध्यक्ष के ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीण इस चेतावनी के साथ घर लौटे कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

रिपोर्ट: अशोक सिंह ‘मुन्ना’

 

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