बलरामपुर में ‘मिशन शक्ति’ की पहल से थारू महिलाओं को मिला नया जीवन, ‘मूंज क्राफ्ट’ को मिलेगी वैश्विक पहचान

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना ने गांवों में महिलाओं के जीवन में बदलाव लाना शुरू कर दिया है। नेपाल सीमा से सटे गैंसड़ी ब्लॉक के मोहकमपुर गाँव में शिक्षामित्र लक्ष्मी देवी थारू महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल कर रही हैं।

नेपाल से लाई ‘मूंज क्राफ्ट’ की कला

लक्ष्मी देवी ने नेपाल से ‘मूंज’ (एक प्रकार की जंगली घास) से हस्तशिल्प बनाने की कला सीखी है और अब वही कला अपनी गाँव की महिलाओं को सिखा रही हैं। इसके लिए उन्होंने नेपाल से प्रशिक्षकों को भी बुलाया है। मोहकमपुर के पंचायत भवन में लगभग दस थारू महिलाएँ रोज़ाना निःशुल्क प्रशिक्षण ले रही हैं, जहां वे डलिया, मोबाइल स्टैंड, रोटी केस, और पूजा की थाली जैसे कई आकर्षक सजावटी सामान बना रही हैं।

‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को मिल रही गति

लक्ष्मी देवी का मानना है कि इस पहल से न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मोहकमपुर के अलावा बेतहनिया और सगरापुर गाँवों की महिलाओं को भी हस्तशिल्प और सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के बाद, इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट के माध्यम से बेचा जाएगा। लक्ष्मी देवी का लक्ष्य है कि ‘थारू मूंज क्राफ्ट’ को अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में भी पहचान मिले, जहां ऐसे हस्तशिल्प की काफी मांग है।

स्वावलंबन और सामाजिक पहचान

लक्ष्मी देवी के अनुसार, ‘मिशन शक्ति’ की प्रेरणा से थारू महिलाएं अब आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। पहले जो महिलाएं केवल घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, वे अब एक नई राह पर चल रही हैं। यह प्रयास महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिससे उनकी सदियों पुरानी सांस्कृतिक कला भी जीवित रहेगी।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

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