मीठी नदी घोटाला, मुंबई में ED की 8 ठिकानों पर छापेमारी, 47 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मीठी नदी की सफाई से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मुंबई कार्यालय ने 31 जुलाई को शहर के 8 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) के ठेकेदारों और एक इंजीनियर के यहां तलाशी ली गई, और 47 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया।
किन लोगों पर हुई कार्रवाई
ईडी ने जिन कंपनियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की, उनमें एक्यूट डिजाइन्स, कैलाश कंस्ट्रक्शन कंपनी, निखिल कंस्ट्रक्शन कंपनी, एन.ए. कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और जेआरएस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इसके अलावा, बीएमसी के इंजीनियर प्रशांत कृष्ण तायशेते के यहां भी तलाशी ली गई।
क्या है मीठी नदी सफाई घोटाला
यह कार्रवाई मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में 6 मई, 2025 को दर्ज हुई एफआईआर के आधार पर की गई है। इस एफआईआर में 13 लोगों और कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने बीएमसी को 65 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया।
जांच में सामने आया है कि ठेकेदारों ने मलबा डालने वाली जगह के लिए फर्जी दस्तावेज जैसे कि जमीन मालिकों के नकली समझौते और ग्राम पंचायतों से फर्जी NOC जमा किए थे। इसके अलावा, बीएमसी के स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों पर भी सिल्ट पुशर और मल्टीपर्पज एम्फीबियस पोंटून मशीनों की खरीद में हेराफेरी का आरोप है, जिन्हें 2021-2022 में खरीदा गया था।
अब तक 49.8 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
ईडी ने इस मामले में पहले भी, 6 जून को 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस नवीनतम कार्रवाई के बाद, अब तक कुल 49.8 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
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