मिथुन चक्रवर्ती का बिलावल भुट्टो को जवाब, हमारी खोपड़ी पड़ी सनक गई तो एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा
Sandesh Wahak Digital Desk: अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी की धमकी पर तीखा पलटवार किया है। कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा, अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई, तो फिर एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा।
#WATCH | Kolkata, WB: On Bilawal Bhutto's reported statement on Indus Water Treaty, BJP leader Mithun Chakraborty says, "…Agar aisi baatein karte rahenge aur hamari khopdi sanak gayi toh phir ek ke baad ek BrahMos chalega… We have also thought of building a dam where 140… pic.twitter.com/biXisYeFzM
— ANI (@ANI) August 12, 2025
140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे, तो सुनामी आ जाएगी
मिथुन ने आगे कहा, हमने एक ऐसा बांध बनाने के बारे में भी सोचा है, जहां 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे। उसके बाद, हम बांध खोल देंगे और सुनामी आ जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है और उनकी यह बात सिर्फ बिलावल भुट्टो के लिए थी।
Bilawal Bhutto requests Pakistani people to unite against Modi, bcz of the damage India did to Pakistan.
Threatens war against India if India continues to put Indus Water Treaty on hold.
In India, opposition is asking what did Modi do to Pakistan? pic.twitter.com/VwZuLb5Cc6
— Ankur Singh (@iAnkurSingh) August 11, 2025
पाकिस्तान से आ रही हैं लगातार धमकियां
बिलावल भुट्टो ने मंगलवार को दावा किया था कि सिंधु जल संधि का निलंबन पाकिस्तान के इतिहास और संस्कृति पर हमला है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के लोगों में युद्ध की स्थिति में मोदी का सामना करने की ताकत है। बिलावल का यह बयान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा अमेरिका से परमाणु धमकी जारी करने के कुछ ही घंटों बाद आया है। मुनीर ने कहा था कि अगर उनके अस्तित्व पर खतरा आया, तो इस्लामाबाद अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करके आधी दुनिया को नष्ट कर सकता है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अप्रैल में 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि यह समझौता बहाल नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि भारत परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।
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