जम्मू-कश्मीर में मनरेगा के कार्य दिवस 100 से बढ़कर हुए 150, LG मनोज सिन्हा ने जताया PM मोदी का आभार

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण मजदूरों को बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्र ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत दिए जाने वाले कार्य दिवसों की संख्या को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन करने को मंजूरी दे दी है। यह फैसला विशेष रूप से केंद्र शासित प्रदेश के बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों के लिए लिया गया है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 1,962 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है, जिसके कारण वहाँ रहने वाले लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है।

50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र शासित प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में 100 दिनों के अलावा 50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार देने की सिफारिश की थी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण सार्वजनिक कार्यों में रोजगार की मांग बढ़ गई है। इसी को देखते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जम्मू-कश्मीर के प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति परिवार 150 दिनों तक का रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किये जाने वाले दिनों की सीमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उपराज्यपाल ने शुक्रवार देर रात एक पोस्ट में कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभारी हूं कि उन्होंने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लिए जम्मू-कश्मीर में मनरेगा के तहत प्रदान किए जाने वाले कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाकर 150 दिन कर दी है।

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