मोदी सरकार ने दी नए राफेल जेट्स की खरीद को मंजूरी
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय आसमान की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस राफेल ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस समेत कई ठिकानों की नींद उड़ा दी थी, अब उसी राफेल का कुनबा और बड़ा होने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए नए राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है।
राफेल सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि हवा में तैरता हुआ एक युद्धक किला है। इसकी कुछ खूबियां इसे दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर जेट बनाती हैं। राफेल दुनिया की सबसे आधुनिक ‘मिटिओर’ मिसाइल से लैस है। यह 100 किमी से ज्यादा दूर उड़ रहे दुश्मन के विमान को पलक झपकते ही ढेर कर सकती है। इसमें लगी स्कैल्प मिसाइल 300-500 किमी दूर बैठे दुश्मन के बंकरों को नेस्तनाबूद कर देती है। वहीं ‘हैमर’ मिसाइल कम दूरी में मजबूत ढांचों को तबाह करने के लिए जानी जाती है। इसका खास रडार एक साथ 40 दुश्मनों पर नजर रख सकता है। साथ ही ‘स्पेक्ट्रा’ सिस्टम इसे दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाता है।
नेवी के लिए भी हो चुका है बड़ा सौदा
वायुसेना के साथ-साथ भारतीय नौसेना को भी राफेल की ताकत मिलने वाली है।
राफेल-मरीन डील: अप्रैल 2025 में भारत ने 26 ‘राफेल-मरीन’ जेट्स के लिए फ्रांस के साथ 63 हजार करोड़ रुपये का सौदा किया था।
समुद्र में पहरेदारी: ये विशेष विमान INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक पोतों से उड़ान भरेंगे, जिससे हिंद महासागर में भारत की पकड़ और मजबूत होगी।
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