पाकिस्तान में बाढ़-भूस्खलन से 657 से ज़्यादा लोगों की मौत, सरकारी लापरवाही पर सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान में मानसून की भारी बारिश ने चारों तरफ तबाही मचा दी है। जून के अंत से अब तक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 657 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई है, जबकि 1,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अकेले सोमवार को 400 से ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं।

खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज़्यादा नुकसान

बाढ़ और भूस्खलन से सबसे ज़्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा (K-P) प्रांत में हुआ है। यहाँ बन्नू, स्वात, बाजौर जैसे इलाकों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। रिपोर्टों के अनुसार, बारिश के कारण दर्जनों घर बह गए हैं, गाँवों में अंतिम संस्कार खुले मैदानों में हो रहे हैं और पहाड़ी इलाकों में मातम पसरा है।

एक शोधार्थी ज़फर खान सफदर के लेख में इस त्रासदी के लिए सरकारी लापरवाही, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का मशहूर बिलियन ट्री सुनामी प्रोजेक्ट एक बड़ा घोटाला साबित हुआ है, जिसमें पेड़ों की अवैध कटाई जारी रही, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया।

सोमवार को स्वाबी जिले में बादल फटने से 17 लोगों की मौत हो गई। यहाँ डालोरी गाँव में 12 घर पानी में डूब गए, जबकि गडून अमजई के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से भारी तबाही हुई। यह त्रासदी सिर्फ कुदरती नहीं है, बल्कि यह सरकारी लापरवाही, भ्रष्टाचार और प्राकृतिक संसाधनों के बेहिसाब दोहन का नतीजा है, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ले ली है।

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