यूपी में ‘मदर ओरिएंटेशन’ को मिली गति, अब मां बनेगी सीख की ‘पहली आवाज़’

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में बालवाटिका शिक्षा को परिवार की भागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में, मंगलवार को ‘मदर ओरिएंटेशन कार्यक्रम’ को गति देने के लिए एक राज्यव्यापी ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस विशेष YouTube सत्र में नोडल एसआरजी, नोडल शिक्षक संकुल, प्रधानाध्यापक, बालवाटिका नोडल अध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के सुपरवाइज़रों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

घर और परिवार भी सीख की यात्रा के सहभागी

इस पहल का केंद्रीय संदेश यह है कि बच्चे की शुरुआती सीख वहीं से शुरू होती है, जहाँ मां बोलना शुरू करती है। इसी सोच के साथ मासिक मदर ओरिएंटेशन कार्यक्रमों को सशक्त किया जा रहा है।

को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक सीख, भाषा-विकास, पोषण, व्यवहारिक आदतों और घर-आधारित गतिविधियों को परिवार की भागीदारी से व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान है।

प्रतिभागियों को मातृभाषा में संवाद, सरल कहानी-कथन, बातचीत, और खेल-आधारित गतिविधियों के बारे में टिप्स दिए गए। गुणवत्तापूर्ण समय बिताना फाउंडेशनल लर्निंग की सबसे मजबूत नींव है। प्रारंभिक शिक्षा को केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित न रखकर घर और परिवार को भी सीख की यात्रा का सक्रिय सहभागी बनाना।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, “मदर ओरिएंटेशन कार्यक्रम प्री-प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता को परिवार की सहभागिता से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। बच्चे की शुरुआती सीख, पोषण और व्यवहार को दिशा देने में माँ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि यह राज्यव्यापी उन्मुखीकरण माता-बच्चा संवाद, घर-आधारित सीख और बालवाटिका गतिविधियों को मजबूत करेगा तथा NEP-2020 की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

प्रतिमाह आयोजित होगा कार्यक्रम

यह मासिक मदर ओरिएंटेशन कार्यक्रम जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक प्रदेशभर के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिमाह आयोजित किया जा रहा है।

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