यूपी के 1 लाख निर्माण श्रमिकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, श्रम मंत्रालय और BOCW बोर्ड के बीच हुआ समझौता

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू बोर्ड) के बीच आरपीएल (Recognition of Prior Learning) प्रशिक्षण के लिए एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता दत्ततोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के सहयोग से हुआ है। श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया।

समझौते पर हस्ताक्षर और घोषणाएं

समझौते पर वन्दना गुरनानी, सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, और डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम्, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश, ने हस्ताक्षर किए।

डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम् ने घोषणा की कि इस प्रशिक्षण से उत्तर प्रदेश के एक लाख निर्माण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह प्रशिक्षण प्रदेश के सात जनपदों में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के कल्याण में एक नए युग की शुरुआत बताया।

बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने इस समझौते को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के लिए प्रशिक्षण और सुविधाओं की व्यवस्था सुसंगठित और मजबूत होगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वन्दना गुरनानी ने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इस योजना को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर विरजेश उपाध्याय (अध्यक्ष) और कर्नल नीरज शर्मा (महानिदेशक), दत्ततोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, तथा महेश पाण्डेय (अपर सचिव), निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, भी उपस्थित रहे।

क्या है आरपीएल प्रशिक्षण?

आरपीएल (Recognition of Prior Learning), यानी ‘पूर्व शिक्षा की मान्यता’, एक ऐसी प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति के मौजूदा कौशल, ज्ञान और कार्य अनुभव का आकलन करती है, भले ही उसके पास कोई औपचारिक शिक्षा न हो। इस प्रशिक्षण के तहत, निर्माण श्रमिकों को उनके अनुभव के आधार पर एक सरकारी प्रमाण पत्र मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर नौकरी और आय के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

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