सिद्धार्थनगर स्थापना दिवस पर बोले जगदम्बिका पाल, जनता की पीड़ा संसद तक पहुंचाना ही मेरा धर्म
Siddharthnagar News: जनपद के 37वें स्थापना दिवस (29 दिसंबर) के अवसर पर बांसी तहसील के दुभरा गांव में एक भव्य कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बीच जब सांसद जगदम्बिका पाल गरीबों और बुजुर्गों के बीच पहुंचे, तो ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक था। इस दौरान सांसद ने न केवल सहायता प्रदान की, बल्कि भावुक होकर जनता के साथ अपना रिश्ता भी साझा किया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा, एक सांसद का असली कर्तव्य सिर्फ सदन में बैठना नहीं है, बल्कि गांव की पगडंडियों पर चलकर अपने लोगों का दुख-दर्द समझना है। कड़ाके की इस ठंड में अपने बुजुर्गों और असहाय भाइयों को कंबल देना कोई सरकारी योजना मात्र नहीं, बल्कि मेरा मानवीय दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि वह जनता की हर छोटी-बड़ी समस्या को संसद के पटल पर उठाकर उसके समाधान के लिए हमेशा संघर्ष करते रहेंगे।

जिले के इतिहास को याद करते हुए सांसद ने कहा कि 29 दिसंबर 1988 को सिद्धार्थनगर अस्तित्व में आया था। आज जब जिला अपनी स्थापना की सालगिरह मना रहा है, तो हमारा संकल्प है कि जिले का हर गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े और कोई भी परिवार उपेक्षित न रहे। उन्होंने इस दिन को सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान लालेन्द्र चौधरी ने की, जबकि संयोजन मनीष श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस मौके पर सांसद ने पाण्डेय को दूरसंचार विभाग का सलाहकार बनाए जाने पर सम्मानित भी किया। ग्रामीणों ने सांसद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह एक ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जो हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं।

इस सेवा कार्य के दौरान बांसी के उपजिलाधिकारी (SDM) निखिल चक्रवर्ती, नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव और लेखपाल अमित चौधरी सहित प्रशासन की टीम मौजूद रही। साथ ही वरिष्ठ समाजसेवी सच्चिदानंद पाण्डेय, प्रिंस पाल, राजेंद्र त्रिपाठी, रामरक्षा विश्वकर्मा और भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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